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इस कपल के लिए 'फरिश्ता' बना पुलिस अफसर, लौटा दी परिवार की खुशियां

Thu, 20 Jul 2017 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 20 Jul 2017 11:01 PM IST
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SO helped to reunite a couple which got saperated after a panchayat decision.
कपल की एक तस्वीर - फोटो : amar ujala

आमतौर पर जनता के मन में पुलिस की सख्त छवि ही होती है पर लखनऊ के इस पुलिस अफसर ने जो किया वो पुलिस के एक मानवीय चेहरे को उजागर करता है।

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निगोहां थाने में दरोगा हरिकेश चौहान की पंचायत ने फैसला करते हुए एक कपल को अलग करवा दिया था। जब ये मामला एसओ निगोहां चैंपियन लाल के संज्ञान में आया तो उन्होंने बृहस्पतिवार को दोनों को बुलाकर पूरी बात सुनी और समझा-बुझाकर गिले-शिकवे दूर कर दिए। एसओ की पहल का असर ये हुआ कि कपल ने कभी आपस में झगड़ा न करने की बात कहकर हमेशा साथ रहने का वादा किया।
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दरअसल, मामला कुछ यूं है। ब्रह्मदासपुर गांव के किसान रामदयाल ने अपने बेटे धर्मेंद्र की शादी पांच मई 2015 को गोसाईंगंज के कटरा बक्कास निवासी रामकुमार की बेटी सलोनी से की थी। कुछ दिनों बाद ही छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों में झगड़ा होने लगा था। मामला इतना बढ़ गया कि थाने तक पहुंच गया।
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जिस पर पिछले शुक्रवार दोपहर को निगोहां थाने में दरोगा हरिकेश चौहान ने पंचायत लगाकर दंपती को अलग करवा दिया था। जिसके बाद सादे कागज पर फैसला लिखकर दोनों पक्ष और गवाहों के दस्तखत कराए गए। धर्मेंद्र ने दहेज का पूरा सामान भी लौटा दिया था। इसके अलावा युवती दुधमंही बच्ची को पति को सौंपकर चली गई थी।

...और कपल ने पंचायत के फैसले को दरकिनार कर दिया

SO helped to reunite a couple which got saperated after a panchayat decision.

जब दरोगा के कारनामे की जानकारी एसओ चैंपियन लाल को हुई तो उन्होंने दोनो पक्षों को थाने पर बुलाया और उनसे अपने अनुभव साझाकर समझाया बुझाया।

इसके बाद दंपती ने पंचायत के फरमान को दरकिनार करते हुए हमेशा-हमेशा के लिए साथ रहने की बात कहते हुए लौट गए। एसओ की इस कोशिश से धर्मेंद्र और सलोनी दोनों के परिवारों की खुशियां लौट आईं। सभी परिवारीजनों ने एसओ का आभार जताया।

इस तरह ‌निकाला मामले का हल
थाने में पहुंची दंपती को एसओ ने अलग कमरे में कुछ देर के लिए बैठा दिया। करीब एक घंटे तक दोनों ने बातचीत कर दिलों की खटास दूर की। इसके बाद साथ रहने का फैसला किया। फिर दोनों अपनी बच्ची के साथ हंसते-मुस्कुराते हुए घर चले गए।

एसओ चैंपियन लाल ने बताया कि निगोहां थाने में लगी पंचायत की जानकारी मुझे नहीं थी। जब पता चला तो दोनों पक्षों को बुलाया गया। बातचीत के बाद सबकुछ ठीक हो गया और दोनों एक साथ रहने के लिए राजी हो गए।

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