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Lucknow News: कई बड़े लोग भी जाल में फंसे, लाखों गवाएं, शिकायत तक नहीं की
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शकि्तवर्धक दवाइयों के तस्कर गिरफ्तार।
- फोटो : ??? ?????
शक्तिवर्धक दवाइयां खरीदने में शहर के कई बड़े लोग भी फंसे। लाखों की रकम गंवाई, लेकिन बदनामी के डर से शिकायत तक नहीं की।
गिरोह ने ऐसे एक-दो लोगों से 15 से 20 लाख रुपये तक वसूले। गिरोह करीब दस वर्षों से ये खेल कर रहा था। गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं।
एसटीएफ ने मंगलवार शाम को शक्तिवर्धक दवाइयां बेचने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का राजफाश कर चार शातिरों को पारा पुलिस चौकी के पास से गिरफ्तार किया था।
इनमें मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा का धर्म सिंह व बीर सिंह, भोजपुर का ध्यान सिंह और संभल के ताजपुर का लाल सिंह उर्फ गुलाब सिंह है।
गिरोह ने अमर जीवन आयुर्वेदिक एंड कंपनी, सहारनपुर के नाम से एक प्रमाण पत्र 750 रुपये में बनवा रखा था। इसमें दवा कंपनी का लोगो, मुहर आदि लगा हुआ था। बुधवार को आरोपी जेल भेज दिए गए।
प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि गिरोह का सरगना ध्यान सिंह है। प्रमाण पत्र तैयार कराने से लेकर दवाइयों का जुटाने का काम उसी का रहता था।
वही तय करता था कि किस शहर में कब तक रहना है। जांच में सामने आया कि आरोपी जो मोबाइल नंबर रखते थे वो सिम फेक आईडी पर लिए जाते थे। लेनदेन वाली बातें व्हॉट्सएप कॉल पर करते थे। ताकि पकड़े न जा सकें।
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गिरोह में कुछ ऐसे लोग भी थे जो तब सामने आते थे जब सरगना किसी बड़े शख्स को दवाइयों के बारे में समझाता था। ये लोग दवाइयों के असर के बारे में बताते थे।
ताकि डील पक्की हो सके। गिरोह जिस भी शहर में जाता था वहां अलग-अलग इलाकों में टेंट लगाकर दवाइयां बेचता था। गुर्गे सीधे लोगों से संपर्क कर दवाइयों के बारे में जानकारी देकर बेचते थे।
आयुर्वेद की गोलियां खरीदते थे, वही बेचते थे
एसएसपी ने बताया कि आयुर्वेद की सामान्य गोलियां थोक के भाव में आरोपी खरीदते थे। अलग-अलग रैपर में पैककर बेचते थे। दवाइयों का सैंपल संबंधित विभाग ने लिया है।
बरामदगी
चार मोबाइल, एक कैश बुक, दो फर्जी प्रमाण पत्र, एक पैन कार्ड, एक डीएल, दो आधार कार्ड, आयुर्वेद कंपनी के दो फर्जी प्रमाण पत्र, दवाइयों से भरे 25 डिब्बे।
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गिरोह ने ऐसे एक-दो लोगों से 15 से 20 लाख रुपये तक वसूले। गिरोह करीब दस वर्षों से ये खेल कर रहा था। गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं।
एसटीएफ ने मंगलवार शाम को शक्तिवर्धक दवाइयां बेचने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का राजफाश कर चार शातिरों को पारा पुलिस चौकी के पास से गिरफ्तार किया था।
इनमें मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा का धर्म सिंह व बीर सिंह, भोजपुर का ध्यान सिंह और संभल के ताजपुर का लाल सिंह उर्फ गुलाब सिंह है।
गिरोह ने अमर जीवन आयुर्वेदिक एंड कंपनी, सहारनपुर के नाम से एक प्रमाण पत्र 750 रुपये में बनवा रखा था। इसमें दवा कंपनी का लोगो, मुहर आदि लगा हुआ था। बुधवार को आरोपी जेल भेज दिए गए।
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प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि गिरोह का सरगना ध्यान सिंह है। प्रमाण पत्र तैयार कराने से लेकर दवाइयों का जुटाने का काम उसी का रहता था।
वही तय करता था कि किस शहर में कब तक रहना है। जांच में सामने आया कि आरोपी जो मोबाइल नंबर रखते थे वो सिम फेक आईडी पर लिए जाते थे। लेनदेन वाली बातें व्हॉट्सएप कॉल पर करते थे। ताकि पकड़े न जा सकें।
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गिरोह में कुछ ऐसे लोग भी थे जो तब सामने आते थे जब सरगना किसी बड़े शख्स को दवाइयों के बारे में समझाता था। ये लोग दवाइयों के असर के बारे में बताते थे।
ताकि डील पक्की हो सके। गिरोह जिस भी शहर में जाता था वहां अलग-अलग इलाकों में टेंट लगाकर दवाइयां बेचता था। गुर्गे सीधे लोगों से संपर्क कर दवाइयों के बारे में जानकारी देकर बेचते थे।
आयुर्वेद की गोलियां खरीदते थे, वही बेचते थे
एसएसपी ने बताया कि आयुर्वेद की सामान्य गोलियां थोक के भाव में आरोपी खरीदते थे। अलग-अलग रैपर में पैककर बेचते थे। दवाइयों का सैंपल संबंधित विभाग ने लिया है।
बरामदगी
चार मोबाइल, एक कैश बुक, दो फर्जी प्रमाण पत्र, एक पैन कार्ड, एक डीएल, दो आधार कार्ड, आयुर्वेद कंपनी के दो फर्जी प्रमाण पत्र, दवाइयों से भरे 25 डिब्बे।