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पूर्वोत्तर रेलवे की ‘छोटी लाइन’ दिसंबर तक हो जाएगी ‘बड़ी’, यात्रियों को होगा फायदा

Thu, 08 Aug 2019 05:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ
नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Thu, 08 Aug 2019 05:01 PM IST
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Small line of north east railway will be bigger in december
प्रतीकात्मक तस्वीर

अंग्रेजी हुकूमत में बिछाई गई मीटरगेज की लाइनों की जगह ब्रॉडगेज का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर तक पूर्वोत्तर रेलवे छोटी लाइन की इमेज से बाहर निकल आएगा। इससे एक ओर जहां हाई स्पीड ट्रेनों के दौड़ने से यात्रियों को फायदा मिलेगा, वहीं मालगाड़ियों को रफ्तार मिलने से रेलवे का मुनाफा होगा।

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पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में 195 किमी. रेलखंड का आमान परिवर्तन हो गया है, जबकि 80 किमी. पर काम चल रहा है, जो दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। दरअसल, रेल मंत्रालय ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने व माल ढुलाई में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से मीटरगेज की जगह ब्रॉडगेज का काम चल रहा है।
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इसमें पूर्वोत्तर रेलवे से लेकर दक्षिण भारत के रेलवे जोनों में भी पटरियों को बदलने का काम चल रहा है। बात पूर्वोत्तर रेलवे की जाए तो यहां कुल 541 किमी. को ब्रॉडगेज किया जाना है। इसमें 336 किलोमीटर रूट का आमान परिवर्तन चल रहा है, जिसमें लखनऊ मंडल की छोटी लाइन भी शामिल है।

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ऐशबाग-सीतापुर रेलखण्ड पर 350 करोड़ रुपये से अधिक खर्च

Small line of north east railway will be bigger in december
वर्ष 2016 में ऐशबाग से सीतापुर तक 89 किमी. गेज कन्वर्जन का काम रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सौंपा गया था, जिसने काम पूरा कर गत नौ जनवरी को रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन शुरू करवा दिया।

वहीं सीतापुर से लखीमपुर के बीच ब्रॉडगेज का काम हो गया है और जल्द ही ट्रेनें शुरू होने के आसार जताए जा रहे हैं। जबकि लखीमपुर से मैलानी तक काम चल रहा है, जो दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। ऐशबाग से मैलानी तक गेज कन्वर्जन पर हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट था।

इसमें ऐशबाग-सीतापुर रेलखण्ड पर 350 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। वहीं बहराइच से गोंडा के बीच 55 किलोमीटर आमान परिवर्तन हो चुका है।

दुधवा ने रफ्तार पर लगाई लगाम

ये है रेलखंडों की दूरी (किमी. मे)
- लखनऊ-सीतापुर: 89, - सीतापुर-लखीमपुर: 45 - गोंडा-बहराइच : 60

यहां बचा है मीटरगेज
- बहराइच-बिछिया : 98 - बिछिया-मैलानी: 107 - नानपारा-नेपालगंज : 20 

130 साल से अधिक पुराने हैं मीटरगेज के रेलखंड, अंग्रेजी हुकूमत के दौरान पड़ी थी लाइन

बहराइच से मैलानी के बीच कुल 205 किलोमीटर मीटरगेज को बदला जाना है। प्रोजेक्ट तैयार है और बजट की संस्तुति की मिलनी बाकी है। लेकिन दुधवा नेशनल पार्क की वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। दरअसल, नेशनल पार्क से गुजर रहे रेलवे रूट पर पेड़ों की कटाई भी करनी पड़ेगी, जिसे लेकर राज्य सरकार व रेलवे अधिकारियों में आपसी सहमति नहीं बन पा रही है।
 
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