फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   sixty lakh rupees elephent's trunk broken in lucknow ambedkar park

लखनऊ के अंबेडकर पार्क में 60 लाख रुपये के हाथी की टूटी सूंड

Fri, 09 Jun 2017 01:02 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Fri, 09 Jun 2017 01:02 PM IST
विज्ञापन
sixty lakh rupees elephent's trunk broken in lucknow ambedkar park
अंबेडकर पार्क में हाथी की टूटी सूंड व दांत - फोटो : amar ujala
पांच साल तक उपेक्षा का शिकार हुए स्मारकों की बदहाली अब सामने आने लगी है।लखनऊ में अंबेडकर पार्क में जहां 60 लाख रुपये कीमत के हाथी की सूंड टूट कर गिर गई, वहीं कांशीराम स्मारक में एक गुंबद में लीकेज हो गया।
विज्ञापन


अब एलडीए सचिव जयशंकर दुबे ने स्मारक समिति के अधिकारियों से सभी टूट-फूट की सूची मांगी है, जिससे कि मरम्मत का काम शुरू कराया जा सके।
करीब एक महीने पहले एक हाथी की सूंड अंबेडकर पार्क में क्षतिग्रस्त हो गई थी।

इसको बाद में किसी तरह फिक्स कर दिया गया था। बृहस्पतिवार को इसकी शिकायत सचिव से की गई थी। ऐसे करीब 32 हाथी अंबेडकर पार्क में लगे हैं। स्मारक समिति के अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से मरम्मत नहीं होने की वजह से इस तरह की टूट-फूट अब सामने आ रही हैं।
विज्ञापन


इसको लेकर एलडीए को भी बता दिया गया है। एक प्रस्ताव भी बनाया गया है, जिससे मरम्मत का काम शुरू हो सके। हाथियों को राजस्थान में मिलने वाले सेंड स्टोन से बनाया गया है। ऐसे में पत्थर से ज्यादा इसकी ट्रांसपोर्टेशन लागत आती है। ऐसे में अब स्मारक समिति को अलग से टेंडर इन हाथियों की मरम्मत के लिए कराना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कांशीराम स्मारक के गुंबद में लीकेज

sixty lakh rupees elephent's trunk broken in lucknow ambedkar park
डेमो - फोटो : demo pic
इसके अलावा बृहस्पतिवार को सचिव के गुंबद में लीकेज का मामला भी पहुंचा। यह लीकेज जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक के गुंबद में हुआ है। इस लीकेज को भी बंद कराने के लिए सचिव ने एक प्रस्ताव बनाने के लिए स्मारक समिति के अधिकारियों को कहा है।

सचिव ने आदेश दिया है कि जहां भी मरम्मत की जरूरत है। वहां प्राथमिकता पर प्रस्ताव बनाए जाएं। इसकी सूची भी तुरंत उपलब्ध करा दी जाए जिससे कि जरूरत होने पर शासन से बजट मांगा जा सके।

‘स्मारकों की मरम्मत का काम शासन की प्राथमिकता में है। इसके लिए आदेश भी मिल चुके हैं। करीब आठ करोड़ रुपये का बजट अभी हमारे पास मौजूद है। इस बजट से हाथियों, गुंबद, स्मारकों के अंदर हुई टूट-फूट को सही कराया जाएगा। जरूरत होने पर शासन से दुबारा बजट की मांग भी की जा सकती है।’
- जयशंकर दुबे, सचिव एलडीए व प्रबंधक स्मारक समिति
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed