फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   six resident doctors involve in fighting at trauma center suspended, committee behis investigation

ट्रॉमा सेंटर में मारपीट मामले में छह जूनियर रेजीडेंट निलंबित, कमेटी ने शुरू की जांच, दोनों पक्ष तलब

Tue, 01 Oct 2019 10:30 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Tue, 01 Oct 2019 10:30 AM IST
विज्ञापन
six resident doctors involve in fighting at trauma center suspended, committee behis investigation
ट्रॉमा सेंटर - फोटो : amar ujala
ट्रॉमा सेंटर में मारपीट व बवाल के मामले में मेडिसिन व ऑर्थोपेडिक्स विभाग के तीन-तीन जूनियर रेजीडेंटों को निलंबित कर दिया गया है। शराब पीकर बेहोश होने वाले दोनों रेजीडेंटों को ड्यूटी पर नहीं लिया गया है। जांच कमेटी ने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में दोनों पक्षों की बात सुनी। केजीएमयू प्रशासन मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कह रहा है। 
विज्ञापन


शराब पार्टी करने के बाद केजीएमयू के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के दो रेजीडेंट बेहोश हो गए थे। विभाग के अन्य रेजीडेंट इन्हें लेकर शनिवार देर रात ट्रामा पहुंचे, जहां मेडिसिन विभाग के रेजीडेंटों से विवाद हो गया। इसके बाद दोनों विभाग के रेजीडेंटों में जमकर मारपीट हुई। दोनों तरफ से चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। 
विज्ञापन


तीसरी रिपोर्ट केजीएमयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा ने दर्ज कराई है। सोमवार को सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने दोनों विभागों के तीन-तीन रेजीडेंटों को निलंबित कर दिया है। इसमें ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉ. राहुल शुक्ला, डॉ. शुभम, डॉ. अनुश्रव राव, मेडिसिन विभाग के डॉ. मयंक, डॉ. प्रदुम्न माल व डॉ. कृष्णपाल सिंह परमार शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेटी ने दोनों पक्षों के लिए बयान

मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. जीपी सिंह के नेतृत्व में कमेटी बनी है। इस कमेटी में ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रो. सुरेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बीके ओझा, एडिशनल प्रॉक्टर प्रो. अनूप कुमार वर्मा एवं प्रो. सुजाता देव शामिल हैं। इस कमेटी ने दोपहर बाद दोनों विभागों के रेजीडेंटों से पूछताछ की। 

इस दौरान चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में रेजीडेंटों का मजमा लगा रहा। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कमेटी ने सीसीटीवी फुटेज भी देखे हैं। कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट देनी है। सभी की निगाहें कमेटी की रिपोर्ट पर लगी हैं। केजीएमयू के इतिहास में पहली बार इस तरह की घटना हुई है। यही वजह है कि सोमवार को संकाय सदस्यों से लेकर छात्रों तक ने इस घटना की निंदा की। 

दोनों विभाग के प्रोफेसर अपने छात्रों के पक्ष में लामबंद 
सूत्रों का कहना है कि दो विभागों के रेजीडेंटों के बीच हुई मारपीट के मामले को संबंधित विभाग के संकाय सदस्य भी तूल दे रहे हैं। वे अपने-अपने रेजीडेंटों को बचाने की कोशिश में जुटे हैं। कुछ ने तो कमेटी के एक सदस्य को फोन कर मामले में फंसे एक रेजीडेंट के संबंध का भी हवाला दिया। हालांकि जांच कमेटी के सदस्य ने यह कह कर उनकी बात को खारिज कर दिया कि पांच सदस्य हैं। ऐसे में एक का पक्ष नहीं माना जा सकता है। 
 

रिपोर्ट दर्ज होने से प्रभावित हो सकता है कॅरिअर

रेजीडेंटों पर रिपोर्ट दर्ज होने से उनका कॅरिअर भी प्रभावित हो सकता है। केजीएमयू प्रशासन ने उनकी चरित्र पंजिका पर मामले को दर्ज कर दिया तो उन्हें भविष्य में तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वीजा बनवाने और किसी दूसरे संस्थान में नौकरी के वक्त भी समस्या का सामना करना पड़ेगा।

कमेटी की रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई 
पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने काम शुरू कर दिया है। दोनों पक्षों के बयान लिए गए हैं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएमएस ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए छह जूनियर रेजीडेंटों को निलंबित कर दिया है। इसमें दोनों विभाग के तीन-तीन रेजीडेंट हैं। पुलिस भी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।
- प्रो. आरएएस कुशवाहा, चीफ प्रॉक्टर, केजीएमयू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed