बच्चे और बकरे के बाद पति की भी बलि!
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ननद के छह माह के बेटे को स्वस्थ करने का दावा कर एक महिला ने नानपारा के गुरहिया सरैंया गांव में उसकी बलि चढ़ा दी। फिर उसे जिंदा करने के लिए बकरे की बलि चढ़ाई और उसके बाद अपने पति समेत तीन और बलि मांगने लगी।
इससे डरकर ससुरालीजनों ने महिला को एक धर्मस्थल पर छोड़ दिया, जहां से उसके माता-पिता अपने साथ ले गए हैं। परिवार का मामला होने के चलते सभी ने चुप्पी साध ली है। ग्रामीणों से मामला खुला तो परिवारीजन कोई भी कार्रवाई करने से इनकार कर रहे हैं।
गांव निवासी राममिलन की बहू किरन (21) अरसे से झाड़फूंक का काम करती है। किरन का दो वर्षीय बेटा काफी दिनों से अस्वस्थ है। उसे ठीक करने के लिए भी वह पूजा पाठ किया करती है।
देवी प्रतिमा के सामने दबाया गला फिर काटा बकरा
सप्ताह भर पूर्व किरन को पता चला कि सिलेटनगंज निवासी ननद कुमाता पत्नी उत्तम का छह माह का बेटा सोनू बीमार है तो उसने ननद को घर बुलवा लिया। इसके बाद बृहस्पतिवार रात घर में पूजा-अर्चना शुरू की और फिर सोनू को कमरे में ले जाकर देवी प्रतिमा के सामने उसका गला दबाकर हत्या कर दी।
काफी देर बाद परिवारीजनों को सोनू के मौत की जानकारी हुई तो कोहराम मच गया। इस पर किरन ने बेटे को जिंदा करने का दावा करते हुए बकरे की बलि देने की बात कही। बकरा मंगवा कर किरन ने उसकी भी बलि दी।
इसके बाद किरन ने कहा कि सोनू को जिंदा करने के लिए देवी पति समेत और तीन लोगों की बलि मांग रही हैं। इस पर सहमे परिवारीजन किरन को पकड़कर गांव से बाहर एक धर्मस्थल पर छोड़ आए और उसके मायके सूचना दे दी।