मौत की आतिशबाजी में अब तक नौ जिंदगियां स्वाहा!
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मोहनलालगंज के सिसैंडी इलाके की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में अब तक पांच साल के एक बच्चे सहित नौ की मौत हो चुकी है। गौरतलब है कि इलाके की एक फैक्ट्री में शनिवार सुबह करीब आठ बजे एक के बाद एक तीन धमाके हुए।
घटनास्थल पर मौजूद अमर उजाला संवाददाता के मुताबिक, एक मुस्लिम परिवार कई साल से पटाखे बनाने का काम कर रहा था। इनके पास पटाखे बनाने का लाइसेंस भी था। शनिवार सुबह अचानक पटाखे बनाते वक्त आग लग गई और धमाके शुरू हो गए।
धमाके इतने वीभत्स थे कि घर की छत गायब हो गई। छत पर लेटी बेटी के भी चीथड़े उड़ गए और जिस खटिया पर वह लेटी थी, वो दूर नीम के पेड़ पर जा अटकी। उसके हाथ-पैर भी 50 मीटर दूर इधर-उधर पाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके इतने जोरदार थे कि आस पास के दो घर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
एक कुंतल पटाखा मौजूद था
हादसे की सूचना जब तक पुलिस, फायर ब्रिगेड और बम निरोधक दस्ते तक पहुंचती, आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग और धमाके ने 15 अन्य लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश: डीएम
पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एडीएम ई राजेश पांडे इस प्रकरण की जांच करेंगे। हादसे की वजह स्पष्ट नहीं है। फैक्ट्री संचालक के पास 2015 तक के लिए लाइसेंस है।
नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम: आईजी
मकान में भारी मात्रा में बारूद रखा था जबकि विस्फोटक सामग्री के भंडारण के लिए सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। पटाखा बनाते वक्त लापरवाही के चलते हादसे की बात सामने आई है। प्रशासन के अफसरों के साथ ही पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। विस्फोटक सामग्री किस क्षमता की थी, इसका पता लगाने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट लगाए गए हैं।
मृतकों के परिवारीजनों को 2-2 लाख की आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट में मारे गए लोगों के परिवारीजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। गंभीर घायलों को 50 हजार, साधारण घायलों को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है।