गोंडा: जिला प्रशासन के स्टिंग ऑपरेशन में फंसे दुकानदार, दुकानें सील, छह गिरफ्तार
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कोरोना से लॉकडाउन में प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तो निर्धारित कर दी है लेकिन किराना दुकानदार तय कीमत से करीब डेढ़ गुना मुनाफा वसूल रहे हैं। बुधवार को शहर के तीन किराना दुकानदार जिला प्रशासन के स्टिंग ऑपरेशन में फंस गए।
नगर मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी ने बुधवार को शहर में दुकानों पर सामग्री खरीद कर हकीकत को पकड़ा। उनके स्टिंग ऑपरेशन में शहर की तीन दुकानों पर खाद्यान्न सामग्री महंगी दर पर बिकती पाई गई। इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा जिला प्रशासन इन तीन दुकानों को सील कर विधिक कार्रवाई मे जुट गया है।
लॉकडाउन मे आम लोगों को आवश्यक वस्तुएं उचित मूल्य पर मुहैया हो सकें इसके लिए जिला प्रशासन ने दाल, चावल, आटा, तेल, सब्जी व फल का रेट निर्धारित कर दिया है। दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गयी है कि प्रशासन की तरफ से निर्धारित दर पर सामग्री की बिक्री की जाए। बावजूद इसके दुकानदार मानने को तैयार नहीं हैं और खाद्यान्न को महंगे दामों पर बेचकर अपनी जेब भरने मे जुटे हैं।
जिला प्रशासन को इन वस्तुओं के महंगे दामों पर बेचे जाने की शिकायत मिल रही थी। इन मुनाफाखोर दुकानदारों पर कार्रवाई के लिए आज डीएम डॉ. नितिन बंसल ने अफसरों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी ने बताया कि तीनों दुकानों को सीज कर दिया गया है और इनके मालिकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
स्टिंग ऑपरेशन में शामिल रहे एसडीएम व कर्मचारी
डीएम के निर्देश पर किराना समेत दुकानदारों के स्टिंग की योजना बनाई गई। एसडीएम सदर वीर बहादुर यादव, सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी व सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी ग्राहक बनकर किराना दुकानों पर पहुंची और चावल, दाल व तेल की खरीदारी की। दुकानों पर सामग्री की ब्रिकी की पड़ताल में अधिकारियों के साथ कर्मचारी भी रहे। सूचना विभाग के अरुण सिंह की भूमिका सक्रिय रही।