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चिन्मयानंद मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित, परिवार को दी जाएगी सुरक्षा
Tue, 03 Sep 2019 06:14 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 03 Sep 2019 06:14 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
यूपी सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता चिन्मयानंद के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया है।
वहीं, छात्रा व उसके भाई की पढ़ाई किसी अन्य कॉलेज में कराए जाने व उसके परिवार की सुरक्षा के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
गठित की गई एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक करेंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि वह भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ आरोप लगाने वाली छात्रा के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार इस एसआईटी का नेतृत्व आईजी पद का अधिकारी करेगा। उच्चतम न्यायालय ने उप्र सरकार से कहा कि वह महिला, उसके भाई का दाखिला दूसरे संस्थान में कराए क्योंकि उन्हें चिन्मयानंद के ट्रस्ट द्वारा संचालित कॉलेज में पढ़ने में डर है।
छात्रा को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने सुरक्षा कारणों से चलते छात्रा को पुलिस सुरक्षा में दिल्ली में रहने का आदेश दिया था। मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधीश आर भानुमति और एएस बोपन्ना की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुरोध किया था कि मामले में दाखिल की गई दो क्रॉस एफआईआर में जांच की निगरानी के लिए एक बेंच का गठन करे। पीठ ने कहा कि विशेष जांच दल, जिसमें एसपी स्तर का एक अधिकारी भी होगा, छात्रा के आरोपों की जांच करे।
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वहीं, छात्रा व उसके भाई की पढ़ाई किसी अन्य कॉलेज में कराए जाने व उसके परिवार की सुरक्षा के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
गठित की गई एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक करेंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि वह भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ आरोप लगाने वाली छात्रा के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार इस एसआईटी का नेतृत्व आईजी पद का अधिकारी करेगा। उच्चतम न्यायालय ने उप्र सरकार से कहा कि वह महिला, उसके भाई का दाखिला दूसरे संस्थान में कराए क्योंकि उन्हें चिन्मयानंद के ट्रस्ट द्वारा संचालित कॉलेज में पढ़ने में डर है।
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छात्रा को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने सुरक्षा कारणों से चलते छात्रा को पुलिस सुरक्षा में दिल्ली में रहने का आदेश दिया था। मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधीश आर भानुमति और एएस बोपन्ना की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुरोध किया था कि मामले में दाखिल की गई दो क्रॉस एफआईआर में जांच की निगरानी के लिए एक बेंच का गठन करे। पीठ ने कहा कि विशेष जांच दल, जिसमें एसपी स्तर का एक अधिकारी भी होगा, छात्रा के आरोपों की जांच करे।
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