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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: एसआईटी जांच पूरी, मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी रिपोर्ट; दोषियों पर जल्द होगी कार्रवाई
Thu, 02 Jul 2026 08:05 PM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Thu, 02 Jul 2026 08:05 PM IST
सार
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड मामले में एसआईटी जांच पूरी हो गई है। एसआईटी ने जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम शासन को सौंप दिए हैं। अब रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। दोषियों पर जल्द कार्रवाई होगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: एसआईटी जांच पूरी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
राजधानी लखनऊ में अलीगंज के गेमिंग जोन में आग लगने से 15 लोगों की मौत के मामले की जांच कर रही दो सदस्यीय एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने शासन को घटना के लिए जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम सौंप दिए हैं। जल्द रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जाएगी, जिसके बाद बड़े पैमाने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में घटनास्थल से जुटाए गए सुबूतों, संबंधित विभागों से तलब की गईं रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच में सामने आए तथ्यों को शामिल किया है। इसके आधार पर आग लगने की वजहों के साथ अवैध बिल्डिंग पर कार्रवाई नहीं करने वाले विभागों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिन्हित किया गया है।
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बता दें कि जिस बिल्डिंग में आग लगी थी उसका बिजली का स्वीकृत भार 20 किलोवाट था, जबकि इस्तेमाल 35 किलोवाट से अधिक हो रहा था। इसके बावजूद बिजली विभाग के किसी भी अधिकारी ने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। आग लगने से 15 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था, जिसमें अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी जोन लखनऊ प्रवीण कुमार को सदस्य बनाया गया था।
एसआईटी ने दो बार घटनास्थल का मौका मुआयना करने के साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया था और उनसे जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बारे में रिपोर्ट मांगी थी।
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उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में घटनास्थल से जुटाए गए सुबूतों, संबंधित विभागों से तलब की गईं रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच में सामने आए तथ्यों को शामिल किया है। इसके आधार पर आग लगने की वजहों के साथ अवैध बिल्डिंग पर कार्रवाई नहीं करने वाले विभागों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिन्हित किया गया है।
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अधिकारियों की विस्तृत जांच कराने की सिफारिश
इन सभी के खिलाफ कठोर दंड की संस्तुति की गई है। रिपोर्ट में कई लखनऊ विकास प्राधिकरण के कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने बिल्डिंग के अवैध निर्माण के दौरान कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए विस्तृत जांच कराने की सिफारिश की गई है।
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बता दें कि जिस बिल्डिंग में आग लगी थी उसका बिजली का स्वीकृत भार 20 किलोवाट था, जबकि इस्तेमाल 35 किलोवाट से अधिक हो रहा था। इसके बावजूद बिजली विभाग के किसी भी अधिकारी ने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। आग लगने से 15 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था, जिसमें अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी जोन लखनऊ प्रवीण कुमार को सदस्य बनाया गया था।
एसआईटी ने दो बार घटनास्थल का मौका मुआयना करने के साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया था और उनसे जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बारे में रिपोर्ट मांगी थी।