प्रधानजी, कोरोना किट आपने खरीदी, ब्लॉक से आई या जिला स्तर से, एसआईटी ऐसे कर रही पूछताछ
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प्रधानजी, कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्ररेड थर्मामीटर आपने पंचायत स्तर पर स्वयं खरीदें हैं अथवा ब्लॉक या जिला स्तर से खरीदकर भेजे गए हैं। कुल कितनी किट खरीदी हैं, प्रति किट क्या दर थी? किस मद से कितना भुगतान किया? किट में क्या-क्या आइटम थे। किट किससे खरीदनी है, इसे लेकर जिला या शासन स्तर से क्या कोई दिशा-निर्देश मिला था। इस खरीद के संबंध में जिला स्तर से मिली जानकारी के सत्यापन के लिए ये सवाल प्रदेश भर के ग्राम प्रधानों से टेलीफोन पर किए जा रहे हैं।
किट खरीद में हुई धांधली की जांच कर रही एसआईटी ने इस प्रश्नावली के साथ अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अपर मुख्य सचिव व एसआईटी की अध्यक्ष रेणुका कुमार अब कॉल सेंटर के माध्यम से इस खरीद का अधिक से अधिक पंचायतों में सत्यापन करा रही हैं।
एसआईटी ने पहले जिलाधिकारियों से 12 बिदुओं पर जवाब मांगा था। फिर निर्धारित प्रारूप पर पंचायतवार जानकारी मंगाई गई। अधिकतर जिलों से सूचनाएं प्राप्त होने के बाद अब इनकी क्रास चेकिंग कराई जा रही है। इसके लिए कॉल सेंटर में तैनात 100 से ज्यादा टेलीकॉलर सुबह से शाम तक ग्राम प्रधानों को टेलीफोन कर रहे हैं। जवाबों का विश्लेषण एसआईटी के सदस्य कर रहे हैं। लक्ष्य रखा गया है कि शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाए।
मार्केट रेट से ज्यादा पर हुई खरीद
अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज, मनोज कुमार सिंह ने 23 जून को पंचायतों के लिए पल्स ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थर्मामीटर, मास्क व सैनिटाइजर की किट खरीदने के आदेश जारी किए थे। ये किट डोर-टू-डोर सर्विलांस के लिए निगरानी समितियों को दिए गए हैं।
कई जिलों में ये उपकरण मार्केट रेट से काफी ज्यादा कीमत पर खरीदे गए। प्रारंभिक जांच में अनियमितता मिलने पर सुल्तानपुर व गाजीपुर के जिला पंचायतराज अधिकारी व सोनभद्र के तत्कालीन कार्यवाहक डीपीआरओ निलंबित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश पर अब पूरे प्रदेश के मामलों की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है।