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लामार्ट छात्र की मौत के 5 साल बाद एसआईटी जांच के आदेश
Tue, 03 Nov 2020 01:06 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 03 Nov 2020 01:06 AM IST
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S.i.t (special Investigation Team)
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सुप्रीम कोर्ट ने ला मार्टीनियर स्कूल के छात्र राहुल श्रीधर की पांच साल पहले संदिग्ध हालात में हुई मौत की एसआईटी के आदेश दिए हैं। राहुल के परिवारीजनों की अर्जी पर शीर्ष कोर्ट ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए एसएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने को कहा है।
राहुल के पिता वी. श्रीधर ने बताया कि उनके बेटे की मौत के मामले में लखनऊ पुलिस ने शुरू से ही लापरवाही बरती। न सिर्फ साक्ष्यों को नजरअंदाज किया बल्कि कई सुबूतों को नष्ट भी कर दिया था। न्याय के लिए उन्होंने पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर ही फोरेंसिक टीम ने राहुल की मौत के चार साल बाद क्राइम सीन का रीक्रिएशन कराया था। सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर 2019 को भी जांच के लिए लखनऊ पुलिस को एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। हालांकि, पुलिस ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार को कोर्ट ने लखनऊ पुलिस की इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एसआईटी गठित कर आठ सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
यह है मामला...
पीजीआई के टेक्निकल अफसर वी. श्रीधर का बेटा राहुल श्रीधर (14) लामार्ट में कक्षा नौ का छात्र था। 10 अप्रैल 2015 को सुबह नौ बजे स्कूल के कांस्टेंशिया स्मारक से संदिग्ध हालात में गिरकर उसने दम तोड़ दिया था। राहुल की मां अनम्मा ने गौतमपल्ली थाना में अज्ञात लोगों पर बेटे की हत्या का केस दर्ज कराया था। हालांकि, पुलिस ने इसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इस मामले में लापरवाही पर गौतमपल्ली के तत्कालीन थाना प्रभारी एसके कटियार व एक दरोगा के खिलाफ विवेचना में साक्ष्य छिपाने और लापरवाही के आरोप केस भी दर्ज किया गया था। परिवारीजनों ने राहुल के एक फेसबुक फ्रेंड पर भी शक जताया था।
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राहुल के पिता वी. श्रीधर ने बताया कि उनके बेटे की मौत के मामले में लखनऊ पुलिस ने शुरू से ही लापरवाही बरती। न सिर्फ साक्ष्यों को नजरअंदाज किया बल्कि कई सुबूतों को नष्ट भी कर दिया था। न्याय के लिए उन्होंने पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर ही फोरेंसिक टीम ने राहुल की मौत के चार साल बाद क्राइम सीन का रीक्रिएशन कराया था। सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर 2019 को भी जांच के लिए लखनऊ पुलिस को एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। हालांकि, पुलिस ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार को कोर्ट ने लखनऊ पुलिस की इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एसआईटी गठित कर आठ सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
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यह है मामला...
पीजीआई के टेक्निकल अफसर वी. श्रीधर का बेटा राहुल श्रीधर (14) लामार्ट में कक्षा नौ का छात्र था। 10 अप्रैल 2015 को सुबह नौ बजे स्कूल के कांस्टेंशिया स्मारक से संदिग्ध हालात में गिरकर उसने दम तोड़ दिया था। राहुल की मां अनम्मा ने गौतमपल्ली थाना में अज्ञात लोगों पर बेटे की हत्या का केस दर्ज कराया था। हालांकि, पुलिस ने इसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इस मामले में लापरवाही पर गौतमपल्ली के तत्कालीन थाना प्रभारी एसके कटियार व एक दरोगा के खिलाफ विवेचना में साक्ष्य छिपाने और लापरवाही के आरोप केस भी दर्ज किया गया था। परिवारीजनों ने राहुल के एक फेसबुक फ्रेंड पर भी शक जताया था।
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