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Scholarship Scam: एसआईटी करेगी 100 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच, ईडी जांच में खुली थीं गड़बड़ी की परतें
Mon, 10 Apr 2023 08:47 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 10 Apr 2023 08:47 AM IST
सार
100 करोड़ की छात्रवृत्ति घोटाले की विवेचना के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था ने एसआईटी गठित की है, एसआईटी में क्राइम ब्रांच के तीन इंस्पेक्टर शामिल हैं। अब विवेचना में तेजी आएगी। राज्य सरकार के आदेश पर हजरतगंज पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
100 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति घोटाले के केस की विवेचना अब एसआईटी करेगी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था उपेंद्र अग्रवाल ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की है। तीनों इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच के हैं। जेसीपी खुद विवेचना का पर्यवेक्षण करेंगी।
कुछ महीने पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छात्रवृत्ति घोटाले संबंधी शिकायत के आधार पर जांच की थी। जिसमें सौ करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति घोटाले की पुष्टि हुई थी। ईडी ने जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी थी। राज्य सरकार के आधार पर बीते सप्ताह हजरतगंज थाने में पुलिस ने केस दर्ज कराया था।
इसमें दस संस्थानों व फिनो बैंक के अफसरों व कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। कुल 18 नामजद व अन्य अज्ञात आरोपी हैं। छह संस्थान लखनऊ व चार हरदोई जिले के हैं। आरोपी लखनऊ, हरदोई, फर्रुखाबाद, बाराबंकी, गाजीपुर व बदायूं के हैं। केस की वृहद विवेचना होनी है। इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी के तीनों इंस्पेक्टर विवेचना करेंगे। ज्वाइंट सीपी खुद इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। हर सप्ताह विवेचना की समीक्षा की जाएगी।
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सुबूत जुटाने का काम हुआ तेज
केस दर्ज होने के बाद हजरतगंज थाने में तैनात इंस्पेक्टर प्रमोद पांडेय विवेचना कर रहे थे। उनकी तरफ से जिला समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर सभी दस संस्थानों को दी गई छात्रवृत्ति का ब्योरा मांगा था। अब एसआईटी इन सभी तथ्यों को जुटाएगी। ईडी भी अपनी पूरी विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द एसआईटी को सौंपेगी। जिसमें घोटाले का एक एक साक्ष्य है। इससे एसआईटी को जांच में सहूलियत होगी। एसआईटी इन सभी तथ्यों का सत्यापन कर आगे की कार्रवाई करेगी। एसआईटी अपने स्तर से अब साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
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कुछ महीने पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छात्रवृत्ति घोटाले संबंधी शिकायत के आधार पर जांच की थी। जिसमें सौ करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति घोटाले की पुष्टि हुई थी। ईडी ने जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी थी। राज्य सरकार के आधार पर बीते सप्ताह हजरतगंज थाने में पुलिस ने केस दर्ज कराया था।
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इसमें दस संस्थानों व फिनो बैंक के अफसरों व कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। कुल 18 नामजद व अन्य अज्ञात आरोपी हैं। छह संस्थान लखनऊ व चार हरदोई जिले के हैं। आरोपी लखनऊ, हरदोई, फर्रुखाबाद, बाराबंकी, गाजीपुर व बदायूं के हैं। केस की वृहद विवेचना होनी है। इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी के तीनों इंस्पेक्टर विवेचना करेंगे। ज्वाइंट सीपी खुद इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। हर सप्ताह विवेचना की समीक्षा की जाएगी।
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सुबूत जुटाने का काम हुआ तेज
केस दर्ज होने के बाद हजरतगंज थाने में तैनात इंस्पेक्टर प्रमोद पांडेय विवेचना कर रहे थे। उनकी तरफ से जिला समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर सभी दस संस्थानों को दी गई छात्रवृत्ति का ब्योरा मांगा था। अब एसआईटी इन सभी तथ्यों को जुटाएगी। ईडी भी अपनी पूरी विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द एसआईटी को सौंपेगी। जिसमें घोटाले का एक एक साक्ष्य है। इससे एसआईटी को जांच में सहूलियत होगी। एसआईटी इन सभी तथ्यों का सत्यापन कर आगे की कार्रवाई करेगी। एसआईटी अपने स्तर से अब साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
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तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। तीनों सदस्य इंस्पेक्टर रैंक के हैं। गहनता से बेहतर तरीके से विवेचना की जाएगी। - उपेंद्र अग्रवाल, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था