सनबीम स्कूल प्रकरण: एसआईटी का दावा, प्रेम प्रसंग में अनबन होने पर छात्रा ने छत से कूदकर की थी आत्महत्या
अयोध्या के सनबीम स्कूल प्रकरण में एसआईटी का कहना है कि प्रेम प्रसंग में अनबन होने के कारण छात्रा ने छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि, स्कूल प्रधानाचार्य व खेल अध्यापक को क्लीन चिट नहीं दी गई है। मामले में जांच जारी रहेगी।
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सनबीम प्रकरण में नौ दिन चली जांच के बाद एसआईटी इस नतीजे पर पहुंची है कि घटना के समय छात्रा के साथ न तो सामूहिक दुष्कर्म हुआ था, न ही उसकी हत्या। बल्कि छात्रा ने आत्महत्या की थी। इसका कारण उसका स्कूल के ही एक छात्र से प्रेम प्रसंग था। पुलिस के अनुसार छात्र उससे दूरी बना रहा था। इसके चलते छात्रा अवसाद में आ गई थी और छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने उक्त छात्र को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोपी बनाया है। साथ ही स्कूल प्रबंधक बृजेश यादव को साक्ष्य मिटाने का आरोपी बनाते हुए दोनों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों का चालान कर उन्हें जेल भे दिया गया। मामले में नामजद आरोपी स्कूल प्रधानाचार्य व खेल अध्यापक के खिलाफ जांच जारी रहने की बात कही जा रही है।
घटना का रविवार देर शाम खुलासा करते हुए एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि मृतक छात्रा का स्कूल के ही एक छात्र से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों में किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी। छात्रा ने इसका जिक्र अपनी दोस्तों को व्हाट्स एप चैटिंग में भी किया है। बताया कि आरोपी छात्र की मां सनबीम स्कूल में शिक्षिका हैं। घटना के दिन छात्रा स्कूल पहुंची व प्रधानाचार्य के कक्ष में जाकर कई तरह की गोलमोल बातें की। बातचीत में भी वह कुछ परेशान दिख रही थी। इसके बाद वह सीढ़ियों के रास्ते छत पर गई और वहां से कूदकर आत्महत्या कर ली। बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। साथ क्राइम सीन रिक्रिएशन की रिपोर्ट में भी आत्महत्या की पुष्टि हुई थी। एसएसपी के अनुसार प्रबंधक पर साक्ष्य मिटाने का आरोप सही पाया गया है। उसने अपने स्टाफ को घटनास्थल पर पड़े खून के दाग निशान मिटाने के लिए कहा था।
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प्रधानाचार्य व खेल अध्यापक को अभी क्लीन चिट नहीं
एसएसपी ने बताया कि घटना में स्कूल की प्रधानाचार्य रश्मि भाटिया व खेल अध्यापक अभिषेक कनौजिया की भूमिका स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटना में इनकी संलिप्तता के भी सबूत नहीं मिले है। प्रधानाचार्य घटना के बाद से ही गंभीर रूप से घायल छात्रा के साथ शाम तक उसकी मौत होने तक रही थीं। प्रथम दृष्टया उसकी भूमिका नजर नहीं आ रही है। फिलहाल इन दोनों के खिलाफ जांच जारी रहेगी।
साामूहिक दुष्कर्म, हत्या, षड़यंत्र रचने की धाराएं हटी
एसआईटी जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में घटना के दिन दुष्कर्म की पुष्टि न होने के बाद थाना कैंट पुलिस ने मृतका के पिता द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट में धारा 302(हत्या), 376 डी (सामूहिक दुष्कर्म), 120 बी व पॉक्सो एक्ट की धाराओं को हटा दिया है। आरोपी छात्र पर धारा 305 व प्रबंधक बृजेश यादव पर धारा 201, 336 दर्ज किया गया है। आरोपी बृजेश को रविवार शाम विशेष मजिस्ट्रेट व नाबालिग छात्र को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया। जहां से प्रबंधक को जेल व छात्र को बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
परिजनों को पुलिस की जांच पर भरोसा
एसएसपी के अनुसार मृतका के परिजनों से सच्चाई जानने के बाद आरोपी छात्र के खिलाफ किसी तरह की तहरीर देने से इनकार किया है। उनका कहना है कि जांच के बाद मिले सबूतों व तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्हें पुलिस की जांच पर भरोसा है।