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सिग्नल सिस्टम की खराबी ने मेट्रो ट्रेनों में लगाए ब्रेक
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सिग्नल सिस्टम में खराबी से बृहस्पतिवार दोपहर को 23 मिनट तक मेट्रो सेवा पूरी तरह ठप रही। ऑटोमेटिक ट्रेन सुपरविजन (एटीएस) प्रणाली के बंद होने से करीब 3:15 बजे ट्रेनों का संचालन ठप हो गया।
इस वक्त 16 ट्रेनें दौड़ रही थीं। इसके बाद मैन्युअल तरीके से ट्रेनों को अंतिम स्टेशनों एयरपोर्ट व मुंशीपुलिया पर ले जाना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि दोबारा संचालन पूरी तरह शुरू कराने में डेढ़ घंटे लग गए।
मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि जांच में पता चला कि सिग्नल सिस्टम का एक इलेक्ट्रिक स्विच खराब हो गया। निदेशक ऑपरेशन सुशील कुमार सहित पूरी टीम ऑपरेशन कंट्रोल रूम में जुट गई।
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ट्रेनों को उनकी लोकेशन पर ही रोककर नजदीक के अंतिम स्टेशन पर मैन्युअल तरीके से ले जाया गया। इसके चलते अधिक वक्त लग गया। यात्रियों की सुरक्षा के चलते ऐसा करना जरूरी था।
कई जगह स्टेशनों के बाहर फंसीं ट्रेनें
तकनीकी खराबी की वजह से सिग्नल नहीं मिलने से मेट्रो ट्रेनें कई जगह स्टेशनों के बाहर ही खड़ी हो गईं। इसकी वजह से यात्रियों को 15 मिनट से अधिक समय तक ट्रेनों में ही बंद रहना पड़ा। कुछ ट्रेनें विश्वविद्यालय, केडी सिंह बाबू स्टेडियम सहित अन्य स्टेशनों पर खड़ी हो गईं।
किसी की फ्लाइट छूटी तो किसी की कोचिंग
मेट्रों के अचानक रुक जाने से यात्री अपने गंतव्य पर समय से नहीं पहुंच सके। ऐसे में किसी की फ्लाइट छूटी तो किसी की ट्रेन छूट गई। कोई समय पर अपनी कोचिंग क्लास में नहीं पहुंच सका।
सिग्नल सिस्टम में खराबी
निदेशक ऑपरेशन, यूपी मेट्रो, सुशील कुमार ने बताया कि सिग्नल सिस्टम में खराबी की वजह से संचालन प्रभावित हुआ। जल्दी ही दिक्कत को दूर कर लिया गया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन सुचारु कर दिया गया।
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इस वक्त 16 ट्रेनें दौड़ रही थीं। इसके बाद मैन्युअल तरीके से ट्रेनों को अंतिम स्टेशनों एयरपोर्ट व मुंशीपुलिया पर ले जाना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि दोबारा संचालन पूरी तरह शुरू कराने में डेढ़ घंटे लग गए।
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मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि जांच में पता चला कि सिग्नल सिस्टम का एक इलेक्ट्रिक स्विच खराब हो गया। निदेशक ऑपरेशन सुशील कुमार सहित पूरी टीम ऑपरेशन कंट्रोल रूम में जुट गई।
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ट्रेनों को उनकी लोकेशन पर ही रोककर नजदीक के अंतिम स्टेशन पर मैन्युअल तरीके से ले जाया गया। इसके चलते अधिक वक्त लग गया। यात्रियों की सुरक्षा के चलते ऐसा करना जरूरी था।
कई जगह स्टेशनों के बाहर फंसीं ट्रेनें
तकनीकी खराबी की वजह से सिग्नल नहीं मिलने से मेट्रो ट्रेनें कई जगह स्टेशनों के बाहर ही खड़ी हो गईं। इसकी वजह से यात्रियों को 15 मिनट से अधिक समय तक ट्रेनों में ही बंद रहना पड़ा। कुछ ट्रेनें विश्वविद्यालय, केडी सिंह बाबू स्टेडियम सहित अन्य स्टेशनों पर खड़ी हो गईं।
किसी की फ्लाइट छूटी तो किसी की कोचिंग
मेट्रों के अचानक रुक जाने से यात्री अपने गंतव्य पर समय से नहीं पहुंच सके। ऐसे में किसी की फ्लाइट छूटी तो किसी की ट्रेन छूट गई। कोई समय पर अपनी कोचिंग क्लास में नहीं पहुंच सका।
सिग्नल सिस्टम में खराबी
निदेशक ऑपरेशन, यूपी मेट्रो, सुशील कुमार ने बताया कि सिग्नल सिस्टम में खराबी की वजह से संचालन प्रभावित हुआ। जल्दी ही दिक्कत को दूर कर लिया गया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन सुचारु कर दिया गया।