फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Shriramjanm bhoomi teerth kshetra issued new logo of trust.

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के लोगो पर आपत्ति के बाद जारी किया गया नया लोगो, हलन्त न लगने से हुई बड़ी गलती

Thu, 09 Apr 2020 07:28 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Thu, 09 Apr 2020 07:28 PM IST
विज्ञापन
Shriramjanm bhoomi teerth kshetra issued new logo of trust.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का नया लोगो। - फोटो : amar ujala

हनुमान जयंती पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा जारी किए गए लोगो को लेकर खड़े हुए विवाद के बाद ट्रस्ट ने गुरुवार को सुबह गलती सुधार कर नया लोगो जारी कर दिया। लोगो में एक हलंत न लगने से अर्थ का अनर्थ हो गया था, इसे लेकर विश्व हिंदू परिषद से जुड़े विश्वेषतीर्थ और गोविंद गिरी महराज ने भी आपत्ति जताई थी।

विज्ञापन


मामले में रामालय ट्रस्ट के सचिव स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ट्रस्ट के अध्यक्ष को पत्र लिखकर यहां तक आरोप लगाया कि राम को अधर्म का विग्रह बताने वाले ट्रस्टियों को बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोगो में सुधार नहीं किया गया तो संत आंदोलन को बाध्य होंगे।
विज्ञापन


रामालय ट्रस्ट के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप था कि लोगो में रामजी को अधर्म का साक्षात विग्रह बताया गया है। यह अत्यन्त आपत्तिजनक है। लोगो तत्काल वापस लिया जाए। देश से ट्रस्टी और सरकार माफी मांगें। राम साक्षात धर्म हैं अधर्म नहीं। स्वामी ने बताया कि लोगो के मध्य लिखे गए वाक्य में ‘रामो विग्रहवान धर्म:’ लिखा है जो कि संस्कृत भाषा में है। जिसका संस्कृत भाषा में विग्रह करने पर ‘राम: विग्रहवान् अधर्म:’ होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जो कि अत्यन्त आपत्तिजनक ही नहीं अपितु निन्दनीय है। विग्रहवान के ‘न’ में ‘अ’ है जो नहीं होना चाहिए। सही लिखा जाएगा ‘विग्रहवान्’ ‘न’ में से ‘अ’ को निकालकर लिखा जाना चाहिए। अगर ‘अ’ को बिना निकाले पूरा ‘न’ लिखेंगे तो ‘न’ से ‘अ’ निकलकर ‘धर्म:’ के साथ जुड़कर ‘अधर्म:’ पढ़ा जाएगा।

बंदी की परवाह किए बिना दी आंदोलन की धमकी

रामालय ट्रस्ट ने मांग की कि ऐसे ट्रस्टियों को जो श्रीराम को अधर्म का साक्षात विग्रह बता रहे हैं, उन्हें बर्खास्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि तथाकथित ट्रस्ट और केंद्रीय सरकार द्वारा यदि 24 घंटे के अंदर इस लोगो को वापस नहीं लिया या सुधारा नहीं जाता है तो हमें बंदी की परवाह किए बिना आंदोलन के लिए बाध्य होना होगा।

लोगो को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद श्रीराममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने गुरुवार की सुबह इसे लिपिकीय त्रुटि बताते हुए खेद जताया। साथ ही संशोधित लोगो जारी कर दिया।

लोगों में हनुमान जी के दो चित्र पर भी उठाई आपत्ति

राम मंदिर ट्रस्ट के लोगो में हनुमान जी के दो चित्र बने हुए हैं। इसे लेकर भी रामालय ट्रस्ट के सचिव ने आपत्ति उठाई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का तर्क है कि हनुमान जी प्रभु राम के अनन्य भक्त हैं।

उनका बड़ा महत्व है, यह सब सही है, लेकिन राम जन्मभूमि में जन्म का जहां प्रसंग है, वहां हनुमान जी का चित्र लोगों में रखने का कोई औचित्य नहीं समझ में आता। यदि रखना भी है तो हनुमानजी का एक चित्र रखना चाहिए जबकि लोगो में दो-दो हनुमान जी के चित्र दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया है कि क्या ट्रस्ट दो हनुमान को मान्यता देना चाहता है?

उधर, श्रीराम जन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हैं कि लोगो में हनुमानजी के दो चित्र पर सवाल खड़ा करना बेवजह की बात है। यह कहां लिखा है कि हनुमानजी के दो चित्र नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जो सवाल खड़ा कर रहे हैं वह आगे आकर शास्त्रीय प्रमाण देकर इसे गलत साबित करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed