अखिलेश यादव के गंभीर आरोपों पर श्रीकांत शर्मा ने दिया करारा जवाब
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सैफई में साइकिल यात्रा के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा बीजेपी पर किये वार का जवाब देते हुए बीजेपी सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को योगी सरकार पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबां में झांककर देखना चाहिए।
जिनकी सरकार के समय सरकारी नौकरियों में प्रत्येक पद का रेट फिक्स होता था और पूरी सरकार भ्रष्टाचारियों और अपराधियों से साठगांठ कर चल रही थी, उसके मुखिया को योगी सरकार पर झूठे आरोप लगाना शोभा नहीं देता।
शुक्रवार को एनेक्सी में आयोजित प्रेसवार्ता में श्रीकांत शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव मात्र डेढ़ वर्ष में योगी सरकार की उपलब्धियों से बौखला गए हैं। वह अपने छोटे भाई कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का अनुसरण कर प्रतिदिन सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से सरकार पर तथ्यहीन आरोप लगा रहे हैं।
अपने ही परिवार में लोकतंत्र का गला घोंटने वाले अखिलेश अब लोकतंत्र बचाओ यात्रा निकाल रहे हैं। महल छिनने की झुंझलाहट में सरकार पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर दलित विरोधी, किसान विरोधी होने के साथ पेपर लीक करने, भर्तियों में धांधली और नौकरियां छीनने का आरोप लगाया है, जबकि ऊर्जा विभाग की भर्तियों में अनियमितता की खबर मात्र पर मुख्यमंत्री ने एसआईटी से जांच कराने के आदेश दिए।
सहायक अध्यापक भर्ती में अनियमितता की शिकायत पर जांच कमेटी गठित कर प्रथम दृष्टया दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है। योगी सरकार ने 53 लाख टन गेहूं और 44 लाख टन धान की खरीद की है। गन्ना किसानों को 35 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कराया है।
बताते चलें कि अखिलेश यादव ने इटावा से दिल्ली के लिए साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि यदि भाजपा 2019 का चुनाव जीती तो देश में आगे कभी चुनाव नहीं होंगे। इतना ही नहीं बीजेपी सरकार को दलित और किसान विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार द्वारा देश को जातिवाद और सांप्रदायिकता की आग में झोंकने का प्रयास किया जा रहा है।
मां की गुजारिश पर छोड़ा गया चंद्रशेखर उर्फ रावण
शर्मा ने कहा कि भीम सेना के प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण को उसकी मां के प्रत्यावेदन पर छोड़ा गया है। चंद्रशेखर की मां ने सरकार के समक्ष रिहा करने का प्रार्थनाप्रत्र प्रस्तुत किया था। अब सहारनपुर में स्थिति सामान्य है, इसलिए प्रार्थनापत्र पर विचार-विमर्श कर सरकार ने उसे समय पूर्व रिहा करने का आदेश दिया है। जेल से रिहा होने के बाद रावण के बयान पर शर्मा ने कहा कि योगी सरकार प्रदेश में अमन चाहती है, हिंसा के लिए यहां कोई स्थान नहीं है।