श्रावस्ती: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक की नौकरी कर रहे पांच जालसाज गिरफ्तार, वसूली जाएगी सैलरी
श्रावस्ती जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है। अब इन आरोपियों ने सैलरी वसूली जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इस बार डीएम अजय कुमार द्विवेदी व एसपी घनश्याम चौरसिया के निर्देश पर तत्परता दिखाते हुए बीएसए अजय कुमार ने चार मार्च को छह शिक्षकों की सेवा समाप्ति की। उसके बाद पांच मार्च को बीईओ हरिहरपुररानी अमित कुमार, जमुनहा सतीश कुमार व सिरसिया राजकिशोर की तहरीर पर संबंधित थानों में केस दर्ज किया गया।
कानपुर देहात के ईश्वरचंद नगर थाना भोगनीपुर निवासी आलोक कुमार गुप्ता उर्फ किशन गुप्ता जो 2017 से सहायक शिक्षक के पद पर सिरसिया के प्राथमिक विद्यालय बल्दीडीह में तैनात थे। छह मार्च को त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उच्च प्राथमिक विद्यालय भिनगा के सामने से गिरफ्तार किया।
कानपुर नगर के ग्राम इस्माइलपुर निवासी प्रदीप कुमार पुत्र लालजी जो सिरसिया के प्राथमिक विद्यालय केशवपुर में 2017 से सहायक शिक्षक के पद पर व कानपुर देहात के तहसील भोगनीपुर के ग्राम भोगीसागर निवासी जितेंद्र सिंह पुत्र राम औतार 2017 से सहायक शिक्षक के पद पर प्राथमिक विद्यालय कोयलहवा सिरसिया में तैनात थे। दोनों फर्जी शिक्षकों को पुलिस टीम ने क्रमश: प्राथमिक विद्यालय कोयलहवा व प्राथमिक विद्यालय केशवपुर के मुख्य द्वार से गिरफ्तार किया।
इन जगहों से हुई गिरफ्तारी
बस्ती जिले के रामपुर तप्पा कनैला थाना कलवारी निवासी उमेश कुमार मिश्र पुत्र प्रेम चंद्र की नियुक्ति 2013 में गिलौला के प्राथमिक विद्यालय बैभी में हुई थी। वर्तमान में उच्च प्राथमिक विद्यालय असनहरिया हरिहरपुररानी में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात थे। पुलिस टीम ने कंपोजिट विद्यालय असनहरिया के पास से गिरफ्तार किया।
कानपुर देहात के ग्राम परेहरा पुर निवासी सुशील कुमार पुत्र रामसजीवन 2017 से जमुनहा के प्राथमिक विद्यालय भवानीपुरवा में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात थे। पुलिस टीम ने हरदत्तनगर गिरंट थाना के कटवा तिराहा से गिरफ्तार किया। जबकि बस्ती जिले के ग्राम थान्हा तहसील हर्रैया निवासी संदेश श्रीवास्तव जो जमुनहा के प्राथमिक विद्यालय अहिरन देवरा में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात थे, जो भनक लगते ही मौके फरार हो गया।
फर्जी शिक्षक को मिला था एसीआर
सहायक शिक्षक के पद पर सिरसिया के प्राथमिक विद्यालय बल्दीडीह में तैनात आलोक कुमार गुप्ता उर्फ किशन गुप्ता को विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से अतिरिक्त कक्षा कक्ष बनवाने की जिम्मेदारी भी मिली थी। अतिरिक्त कक्षा कक्ष का धन आहरण भी उन्होंने कर लिया था। इस पर बीएसए ने बताया कि वेतन के साथ ही एसीआर के धन की रिकवरी भी की जाएगी।
जांच में लगे 12 वर्ष
विभागीय जांच होने में 12 वर्ष से अधिक का समय बीत गया। गिलौला के प्राथमिक विद्यालय बैभी में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात हुए उमेश कुमार मिश्र पदोन्नति पाकर हरिहरपुररानी के उच्च प्राथमिक विद्यालय असनहरिया पहुंच गए। इस दौरान विभाग को टेट अंक पत्र के फर्जी होने की भनक भी न लग सकी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.