रामगोपाल की सीएम योगी से मुलाकात: शिवपाल ने अखिलेश को घेरा- 'आजम-शहजिल और हसन के लिए क्यों नहीं मांगा न्याय'
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि यह दोहरी नीति है। अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं पर जब उत्पीड़न हुआ तो प्रो. रामगोपाल यादव चुप रहे। जब उनके रिश्तेदार पर कार्रवाई हुई तो मुख्यमंत्री से मिलने पहुंच गए।
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सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। प्रसपा संस्थापक व सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव ने मंगलवार को प्रो. रामगोपाल द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र को सार्वजनिक करते हुए सवाल खड़े किए कि आखिर आजम खां, शहजिल इस्लाम और एसटी हसन के लिए न्याय क्यों नहीं मांगा गया?
सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव और रामगोपाल यादव के बीच सियासी द्वंद काफी समय से चल रहा है। लोकसभा चुनाव में रामगोपाल यादव के बेटे के खिलाफ शिवपाल यादव ने चुनाव लड़ा और दोनों हार गए थे। इसके बाद से दोनों एक मंच पर नजर नहीं आते हैं। ऐसे में मौका मिलते ही शिवपाल ने रामगोपाल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
प्रो. रामगोपाल ने सोमवार शाम मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पत्र सौंपा था। इसमें अपने रिश्तेदार पूर्व विधायक रामेश्वर यादव व उनके परिजनों का उत्पीड़न रोकने की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि पूर्व विधायक रामेश्वर यादव, उनके भाई जोगेंद्र यादव और जोगेंद्र की पत्नी रेखा यादव का उत्पीड़न हो रहा है। बसपा सरकार में उनके खिलाफ 40 झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इसमें कुछ हाईकोर्ट से तो कुछ जांच के दौरान खत्म हो गए। इसके बाद भी रामेश्वर यादव व उनके भाइयों की जमीन मकान कुर्क कर दिया गया है। उनके प्रबंधन वाले कॉलेज को सीज कर दिया गया है। एटा पुलिस जोगेंद्र की गिरफ्तारी पर आमादा है। उन्होंने मांग है कि पूरे मामले की जांच सीबीआई व एसआईटी से कराई जाए। एटा प्रशासन द्वारा की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई रोकी जाए।
उधर, सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने रामगोपाल यादव के मुख्यमंत्री से मुलाकात पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सवाल किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव बताएं कि भाजपा की आत्मा ओम प्रकाश राजभर से निकलकर प्रो. रामगोपाल यादव में घुस गई है क्या? अखिलेश किस तांत्रिक से अब रामगोपाल का झाड़फूंक कराएंगे। ओम प्रकाश ने कहा है कि जब सीएम योगी मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से मिलते हैं तो सपा के लोग कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। लेकिन, जब ओम प्रकाश राजभर अपने विधायकों के साथ जनता की समस्याओं के निदान के लिए सीएम से मिलते हैं तो सुबह से शाम तक टिप्पणी करते हैं। इस मुलाकात पर राजभर ने कहा कि अब अखिलेश अपने कार्यकर्ताओं को बताएं कि यह मुलाकात किस लिए थी? कहीं प्रोफेसर रामगोपाल की कोई कमजोर नस तो भाजपा सरकार के हाथ नहीं लग गई है।