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शाइन सिटी के प्रबंध निदेशक की जमानत अर्जी खारिज
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सैकड़ों लोगों को आशियाना और प्लॉट का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने के आरोपी शाइन सिटी के प्रबंध निदेशक आसिफ नसीम की ओर से दी गई दो अलग-अलग जमानत अर्जियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी का इसी प्रकार के मामलों से संबंधित चार सौ मामलों का आपराधिक इतिहास है। उसने आर्थिक अपराध का काम किया है और इसमें उसके सम्मिलित होने के साक्ष्य हैं।
कोर्ट में सरकारी वकील मनीष रावत और कमल अवस्थी का तर्क था कि दोनों मामलों में गोमती नगर थाने में दर्ज कराए गए थे।
पहली रिपोर्ट में कहा गया था कि वादी ने 2015 में प्लॉट संख्या डी-117 को खरीदने के लिए 4.92 लाख रुपये जमा किए थे।
दूसरी रिपोर्ट में कहा गया कि वादी ने शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड गोमतीनगर के एजेंट विशारद हुसैन के जरिये शाइन वैली प्रोजेक्ट में सी-124 नंबर का प्लॉट बुक कराया था।
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इसकी राशि 4.08 लाख रुपये 2015 में जमा की थी, लेकिन उसे न तो प्लॉट मिला न ही उसकी रकम लौटाई गई।
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कोर्ट ने कहा कि आरोपी का इसी प्रकार के मामलों से संबंधित चार सौ मामलों का आपराधिक इतिहास है। उसने आर्थिक अपराध का काम किया है और इसमें उसके सम्मिलित होने के साक्ष्य हैं।
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कोर्ट में सरकारी वकील मनीष रावत और कमल अवस्थी का तर्क था कि दोनों मामलों में गोमती नगर थाने में दर्ज कराए गए थे।
पहली रिपोर्ट में कहा गया था कि वादी ने 2015 में प्लॉट संख्या डी-117 को खरीदने के लिए 4.92 लाख रुपये जमा किए थे।
दूसरी रिपोर्ट में कहा गया कि वादी ने शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड गोमतीनगर के एजेंट विशारद हुसैन के जरिये शाइन वैली प्रोजेक्ट में सी-124 नंबर का प्लॉट बुक कराया था।
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इसकी राशि 4.08 लाख रुपये 2015 में जमा की थी, लेकिन उसे न तो प्लॉट मिला न ही उसकी रकम लौटाई गई।