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ये है मॉडर्न निकाहनामा: यूं निकाह से लगेगी 'ट्रिपल तलाक' पर रोक

Sat, 10 Sep 2016 02:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 10 Sep 2016 02:34 AM IST
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shia personal law board gives progressive model of marriages for muslims.
डेमो फोटो

सुप्रीम कोर्ट में ट्रिपल तलाक पर बहस और इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के रुख के बीच लखनऊ में ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तलाक पर रोक लगाने के लिए निकाहनामा का एक प्रगतिशील मॉडल पेश किया है।

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इस ‘सनद-ए-निकाह’ में  तलाक का अधिकार महिलाओं को दिया गया है। साथ ही, पति द्वारा तीन बार तलाक कहकर रिश्ता तोड़ने को गैर इस्लामिक बताया गया है।
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शुक्रवार को शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने इसे एआईएमपीएलबी के उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक को सौंप दिया। कल्बे सादिक ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इसे एमपीएलबी की कार्यकारिणी कमेटी की आगामी बैठक में विचार के लिए रखा जाएगा।
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मौलाना यासूब अब्बास ने बताया कि मौलाना सादिक ने इस मॉडल को सराहा है, लेकिन इसे पूरे मुस्लिम समुदाय पर लागू करवाने के लिए एमपीएलबी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पास कराने की जरूरत है। मौलाना सादिक ने आश्वासन दिया है कि नदवा में बोर्ड की बैठक में उपयुक्त पाए जाने पर इसे पूरे देश के मुस्लिम समुदाय के लिए मॉडल निकाहनामे के तौर पर जारी किया जाएगा।

ये होंगे मॉडल निकाहनामा के मुख्य बिंदु

shia personal law board gives progressive model of marriages for muslims.

- तीन बार बोलकर तलाक की प्रथा खत्म हो।
- पुरुष के अकेले के चाहने से तलाक नहीं दिया जा सकेगा।
- एक बैठक में भी तलाक नहीं होगा।
- पति-पत्नी आपस में बात करें। बात न बने तो दोनों के परिवार साथ बैठकर बात करेंगे।

- यह कुछ दिनों के अंतराल पर होगा ताकि किसी पक्ष में गुस्सा है तो उसे शांत करने का समय मिलेगा।
- पति-पत्नी फिर से बातचीत करेंगे, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

दो स्थितियों में पत्नी को तलाक का हक
पहली : अगर पति बार-बार गायब होता है और जीने के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं देता है। ऐसा चार साल तक चले तो पत्नी तलाक दे सकती है।

दूसरी : अगर पति ताकत का उपयोग कर पत्नी को शारीरिक नुकसान पहुंचाता है, उसे अपाहिज करने का खतरा पैदा करता है, अपने दोस्तों के साथ संबंध बनाने के लिए कहता है, तो दोनों स्थितियों में पत्नी अपने पति को तलाक दे सकती है।

अगर निकाह खत्म हो गयास है तो पत्नी को मेहर पर पूरा हक होगा। पति को पत्नी की सभी वस्तुएं लौटानी होंगी।

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