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दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास नहीं बनेगा रैन बसेरा, एलडीए बोर्ड बैठक में सहमति के बाद अब नगर निगम ने किया मना
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जमीन का होगा व्यावसायिक उपयोग
दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास खाली जमीन पर नगर निगम रैन बेसरा बनाने की जगह इसका व्यावसायिक उपयोग कराएगा। जबकि एलडीए बोर्ड की बैठक में नगर निगम की सहमति के बाद ही यहां रैन बसेरा का निर्माण कराने का फैसला हुआ था। अब नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने एलडीए को पत्र लिखकर जमीन देने से मना कर दिया है।
एलडीए सचिव को भेजे पत्र में नगर आयुक्त ने कहा है कि 29 दिसंबर 2020 को हुई एलडीए बोर्ड में फैसला लेकर दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास नगर निगम की जमीन पर रैन बसेरा बनाने की कार्रवाई प्रस्तावित की। इसके लिए 16 जनवरी 2021 को पत्र भी एलडीए ने नगर निगम को भेज दिया। इनकार के पीछे शासन के 27 मार्च 2014 को आए एक आदेश का हवाला दिया गया है, जिसके अनुपालन में इस जमीन का व्यावसायिक उपयोग होटल आदि के लिए करने का फैसला नगर निगम सदन ले चुका है।
सहारा स्टेट के पास जमीन का प्रस्ताव
नगर निगम ने अब एलडीए को इस जमीन के बदले सहारा स्टेट कॉलोनी के पास मडियांव की खसरा संख्या 983 की जमीन देने प्रस्ताव रखा है। यहां करीब 20,400 वर्गफीट जमीन रैन बसेरा बनाने के लिए नगर निगम एलडीए को देने के लिए तैयार है।
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बसंतकुंज बंधा रोड का विवाद खत्म करेगा एलडीए
भूखंड विवाद के बाद अब एलडीए बसंतकुंज योजना में बंधा रोड के विवाद को खत्म कराएगा। इसके लिए कैटल कॉलोनी की जमीन खाली कराने के लिए सचिव पवन गंगवार ने अभियंत्रण जोन-7 के अधिशासी अभियंता नवनीत कुमार शर्मा और तहसीलदार अर्जन असलम को आदेश दिया है। यहां पूर्व में ही एलडीए बंधा रोड के दायरे में आ रहे कैटल कॉलोनी के आवंटियों को भूखंड दे चुका है। इनके निर्माण व नुकसान के बदले प्रतिकर भी एलडीए देगा। मगर इन्हें यहां से हटना होगा।
सचिव पवन गंगवार ने बताया कि बसंतकुंज योजना के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बंधा रोड का निर्माण पूरा होना जरूरी है। केवल 140 मीटर में बंधा रोड बननी बाकी है। इसके लिए करीब 72 पशुपालकों को यहां से शिफ्ट किया जाना है। यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रतिकर बांटने की प्रक्रिया भी वीसी का अनुमोदन मिलते ही शुरू कर दी जाएगी। बसंतकुंज योजना की शहर से कनेक्टिविटी के लिए इस बंधा रोड की बाधा को खत्म करना जरूरी है। इससे योजना से शहर तक आने का समय केवल 15 मिनट का रह जाएगा। अभी केजीएमयू के पास टीले वाली मस्जिद से कुड़ियाघाट होते हुए जल निगम रोड तक बंधा रोड बनी है। इसके बाद कैटल कॉलोनी के बीच में आने से 140 मीटर में निर्माण नहीं हो पाया। वहीं कैटल कॉलोनी से आगे हरदोई रोड बाइपास तक बंधा रोड बन चुकी है। कैटल कॉलोनी की वजह से योजना में बाढ़ का खतरा भी बना रहता है।
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दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास खाली जमीन पर नगर निगम रैन बेसरा बनाने की जगह इसका व्यावसायिक उपयोग कराएगा। जबकि एलडीए बोर्ड की बैठक में नगर निगम की सहमति के बाद ही यहां रैन बसेरा का निर्माण कराने का फैसला हुआ था। अब नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने एलडीए को पत्र लिखकर जमीन देने से मना कर दिया है।
एलडीए सचिव को भेजे पत्र में नगर आयुक्त ने कहा है कि 29 दिसंबर 2020 को हुई एलडीए बोर्ड में फैसला लेकर दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास नगर निगम की जमीन पर रैन बसेरा बनाने की कार्रवाई प्रस्तावित की। इसके लिए 16 जनवरी 2021 को पत्र भी एलडीए ने नगर निगम को भेज दिया। इनकार के पीछे शासन के 27 मार्च 2014 को आए एक आदेश का हवाला दिया गया है, जिसके अनुपालन में इस जमीन का व्यावसायिक उपयोग होटल आदि के लिए करने का फैसला नगर निगम सदन ले चुका है।
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सहारा स्टेट के पास जमीन का प्रस्ताव
नगर निगम ने अब एलडीए को इस जमीन के बदले सहारा स्टेट कॉलोनी के पास मडियांव की खसरा संख्या 983 की जमीन देने प्रस्ताव रखा है। यहां करीब 20,400 वर्गफीट जमीन रैन बसेरा बनाने के लिए नगर निगम एलडीए को देने के लिए तैयार है।
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बसंतकुंज बंधा रोड का विवाद खत्म करेगा एलडीए
भूखंड विवाद के बाद अब एलडीए बसंतकुंज योजना में बंधा रोड के विवाद को खत्म कराएगा। इसके लिए कैटल कॉलोनी की जमीन खाली कराने के लिए सचिव पवन गंगवार ने अभियंत्रण जोन-7 के अधिशासी अभियंता नवनीत कुमार शर्मा और तहसीलदार अर्जन असलम को आदेश दिया है। यहां पूर्व में ही एलडीए बंधा रोड के दायरे में आ रहे कैटल कॉलोनी के आवंटियों को भूखंड दे चुका है। इनके निर्माण व नुकसान के बदले प्रतिकर भी एलडीए देगा। मगर इन्हें यहां से हटना होगा।
सचिव पवन गंगवार ने बताया कि बसंतकुंज योजना के विकास को सुनिश्चित करने के लिए बंधा रोड का निर्माण पूरा होना जरूरी है। केवल 140 मीटर में बंधा रोड बननी बाकी है। इसके लिए करीब 72 पशुपालकों को यहां से शिफ्ट किया जाना है। यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रतिकर बांटने की प्रक्रिया भी वीसी का अनुमोदन मिलते ही शुरू कर दी जाएगी। बसंतकुंज योजना की शहर से कनेक्टिविटी के लिए इस बंधा रोड की बाधा को खत्म करना जरूरी है। इससे योजना से शहर तक आने का समय केवल 15 मिनट का रह जाएगा। अभी केजीएमयू के पास टीले वाली मस्जिद से कुड़ियाघाट होते हुए जल निगम रोड तक बंधा रोड बनी है। इसके बाद कैटल कॉलोनी के बीच में आने से 140 मीटर में निर्माण नहीं हो पाया। वहीं कैटल कॉलोनी से आगे हरदोई रोड बाइपास तक बंधा रोड बन चुकी है। कैटल कॉलोनी की वजह से योजना में बाढ़ का खतरा भी बना रहता है।