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Lucknow News: ‘पुरुष’ में दिखी शक्तिस्वरूपा स्त्री
Mon, 28 Oct 2024 04:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 28 Oct 2024 04:47 AM IST
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नाटक के मंचन के दौरान कलाकार।
लखनऊ। अनुकृति रंगमंडल कानपुर व सत्यपथ लखनऊ की ओर से संगीत नाटक अकादमी में तीन दिवसीय नाट्य समारोह का समापन रविवार को नाटक पुरुष के मंचन के साथ हुआ। प्रसिद्ध मराठी लेखक जयवंत दलवी द्वारा लिखित और निशा वर्मा निर्देशित नाटक पुरुष में दिखाया गया कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर एक युवती को किस हद तक संघर्ष करना पड़ता है।
नाटक की कहानी अन्ना साहब आप्टे की बेटी अंबिका पर केंद्रित है जो एक स्कूल टीचर है। नाटक में बाहुबली गुलाबराव जाधव, अंबिका को धोखे से डाक बंगले में बुलाकर उससे दुष्कर्म करता है। अदालत का फैसला अपने खिलाफ आने पर नायिका अंबिका हार नहीं मानती और दुष्कर्मी गुलाबराय से अपने तरीके से प्रतिशोध लेती है।
मंच पर दीपिका सिंह, संध्या सिंह, सुरेश श्रीवास्तव, आरती शुक्ला, महेन्द्र धुरिया आदि ने बेहतरीन अभिनय किया। नाट्य रूपांतरण सुधाकर करकरे, सहायक निर्देशक डाॅ. ओमेंद्र कुमार, संगीत विजय भास्कर व प्रकाश संचालन विनय श्रीवास्तव और कृष्णा सक्सेना ने किया। अनुकृति कानपुर के सिग्नेचर नाटक पुरुष के अब तक 14 राज्यों, 25 शहरों में 47 सफल मंचन हो चुके हैं।
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नाटक की कहानी अन्ना साहब आप्टे की बेटी अंबिका पर केंद्रित है जो एक स्कूल टीचर है। नाटक में बाहुबली गुलाबराव जाधव, अंबिका को धोखे से डाक बंगले में बुलाकर उससे दुष्कर्म करता है। अदालत का फैसला अपने खिलाफ आने पर नायिका अंबिका हार नहीं मानती और दुष्कर्मी गुलाबराय से अपने तरीके से प्रतिशोध लेती है।
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मंच पर दीपिका सिंह, संध्या सिंह, सुरेश श्रीवास्तव, आरती शुक्ला, महेन्द्र धुरिया आदि ने बेहतरीन अभिनय किया। नाट्य रूपांतरण सुधाकर करकरे, सहायक निर्देशक डाॅ. ओमेंद्र कुमार, संगीत विजय भास्कर व प्रकाश संचालन विनय श्रीवास्तव और कृष्णा सक्सेना ने किया। अनुकृति कानपुर के सिग्नेचर नाटक पुरुष के अब तक 14 राज्यों, 25 शहरों में 47 सफल मंचन हो चुके हैं।
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