ये किस तरह घर वापस आए शहीद जवान राम प्रसाद...
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मणिपुर की राजधानी इम्फाल से करीब 80 किलोमीटर दूर तेंगनौपाल-न्यू समताल रोड पर पेट्रोलिंग के दौरान गुरुवार सुबह सेना की टुकड़ी पर हुए उग्रवादी हमले में शहीद 20 जवानों में एक फैजाबाद का रामप्रसाद यादव भी था। शहीद राम प्रसाद 7 जून को घर आने वाले थे।
पापा के सात जून को घर आगमन को लेकर सभी बच्चे मन में कई ख्वाब संजोए थे। कोई पापा के साथ घूमने को लेकर तो कोई नए कपड़े खरीदने को लेकर खुश था, लेकिन गुरुवार दोपहर परिवारवालों की सारी खुशियां तब बिखर गईं, जब मणिपुर से जवान रामप्रसाद के शहीद हो जाने की सूचना मिली। किसे पता था कि परिवारीजन जिसका इंतजार कर रहे हैं वो आएगा तो लेकिन एक ताबूत में।
गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे जैसे ही उसकी शहादत की सूचना परिवारीजनों को मिली तो घर में कोहराम मच गया। शहीद जवान के रिश्तेदारों व परिवारीजनों ने बताया कि वह पहले ही प्रयास में ही सेना में भर्ती हो गए थे।
सहादतगंज स्थित सालारपुर मोहल्ले का रहने वाला रामप्रसाद यादव (42) पुत्र स्व. श्रीराम यादव सेना में 1999 में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। पहली पोस्टिंग जम्मू में मिली थी। वर्तमान में वह 6, डोगरा रेजीमेंट मणिपुर में लांस नायक पद पर तैनात थे। उनके रिटायरमेंट में पांच साल का समय बचा था। पिता स्व. श्रीराम यादव व माता स्व. तिलका की पांच संतानों में वह तीसरे नंबर पर थे।
अब कैसे होगी बच्चों की पढ़ाई, बिटिया की शादी
अब कैसे होगी बच्चों की पढ़ाई, बिटिया की शादीपिता के शहीद हो जाने की सूचना से बड़ी बेटी सविता व बड़े बेटे रामपाल का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी जानकी देवी सदमे की हालत से उबर नहीं पा रही हैं। उन्हें पति की शहादत पर यकीन नहीं हो रहा था और बेटी-बेटों की पढ़ाई व शादी की चिंता सताए थी। बेटी सविता व अदिति और बेटा रामपाल, विकास व विवेक को सहसा पापा की शहादत पर यकीन नहीं हो रहा।
शुक्रवार को कुछ ऐसा ही मंजर था उग्रवादी हमले में शहीद हुए जवान रामप्रसाद यादव के घर का। अपने पिता स्व. श्रीराम यादव व माता स्व. तिलका की पांच संतानों में रामप्रसाद भाईयों में तीसरे नंबर का था। उसका भरा-पूरा परिवार है।
शहीद जवान के घर में उनकी पत्नी जानकी देवी (38) के अलावा दो बेटी सविता (18) व अदिति (8) तथा तीन बेटे रामपाल (17), विकास (14) व विवेक (12) हैं। इसके अतिरिक्त बड़े भाई शिवप्रसाद व साधू प्रसाद और छोटे भाई जगदंबा प्रसाद का भी पूरा परिवार साथ-साथ रहता था।
जवान रामप्रसाद के पिछले साल अक्टूबर में ड्यूटी पर जाने के बाद सब लोग उसके सात जून की वापसी का इंतजार कर रहे थे। अब वह तारीख भी काफी करीब आ गई थी, लेकिन परिजनों को क्या पता था कि उसके घर लौटने से पहले उसकी शहादत की सूचना आ जाएगी।
इस तरह मिली शहीद होने की सूचना
परिजनों ने बताया कि गुरुवार को जब मणिपुर के इम्फाल में सुबह हमला हुआ तो उसके बाद शहीद राम प्रसाद की इकलौती बहन मीरा के लड़के विनोद यादव के मोबाइल पर वहीं से एक मेजर ने हमले में शहीद होने की सूचना दी। इसके बाद से तो घर में कोहराम मच गया।
शुक्रवार सुबह शव के आ जाने की सूचना थी, लेकिन शाम होते-होते डोगरा रेजीमेंट के स्थानीय सेंटर से बेटे रामपाल को बताया गया कि उसके पिता का शव रविवार दोपहर को आएगा। भतीजे अशोक यादव ने बताया कि चाचा के आगमन का सब बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
इस बार शहीद की बड़ी बेटी सविता की शादी भी खोजी जाने वाली थी। दरअसल, बेटी के बड़ी हो जाने के बाद से शहीद रामप्रसाद को उसकी शादी की चिंता सताए थी।
वह पढ़ाई के साथ उसके हाथ पीले कर देने का ख्वाब संजोए थे, लेकिन अब परिवारवालों के सारे अरमान जवान की शहादत की सूचना से दबे रह गए हैं।
पांच साल बाद था रिटायरमेंट
रामप्रसाद को सेना में नौकरी करते लगभग दस साल हो चुका था। अब पांच साल ही उसकी नौकरी बची थी। रिटायर होने से पहले वह अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी पूरी कर लेना चाहते थे। बड़ी बिटिया की शादी कर लेना चाहते थे, लबकन यह हसरत पूरी नहीं हो सकी।
देर रात पहुंचा शव, अंतिम संस्कार आज
मणिपुर में आतंकी हमले में शहीद हुए जवान राम प्रसाद यादव का पार्थिव शरीर शनिवार देर रात विमान से लखनऊ पहुंचा। एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से इसे मध्य कमान स्थित स्मृतिका लाया गया।
यहां राज्यपाल राम नाईक, मध्य कमान के सेनाध्यक्ष ले. जनरल राजन बख्शी, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ले. जनरल जीएस शेरगिल के साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने शहीद के शव पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर काफी संख्या में सेना के जवान उपस्थित थे।
माल्यार्पण के बाद रात साढ़े 11 बजे जिला अधिकारी राजशेखर की निगरानी में शहीद राम प्रसाद यादव का शव सड़क मार्ग से उनके गृह जिला फैजाबाद के लिए रवाना किया गया। डोगरा रेजीमेंट में तैनात राम प्रसाद यादव गुरुवार को मणिपुर में आतंकी हमले मेें शहीद हो गए थे। रविवार को सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहीद हुए जवानों के परिवारीजनों को 20-20 लाख
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मणिपुर में आतंकी हमले में शहीद हुए प्रदेश के दो जवानों नोएडा के जगवीर सिंह और फैजाबाद के राम प्रसाद यादव के आश्रितों को 20-20 लाख रुपये की मदद की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने मणिपुर में आतंकियों द्वारा सेना के काफिले पर किए गए हमले को कायरतापूर्ण बताया है। घटना की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सेना के जवान बहादुरी के साथ सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने हादसे में शहीद हुए जवानों के परिवारीजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।