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मरम्मत नहीं कराई तो जमींदोज होंगी जर्जर इमारतें, 200 इमारतें बीते साल चिह्नित हुईं थी शहर में
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बारिश के मौसम में खतरा बनने वाली जर्जर इमारतों को अगर उनके मालिक सही नहीं कराएंगे तो नगर निगम उन्हें ढहा देगा। नगर आयुक्त ने सभी जोनल अभियंताओं को ऐसी इमारतों को चिह्नित कर उनके मालिकों को नोटिस जारी करने के निर्देेश दिए हैं।
करीब तीन साल पहले शहर में बारिश के चलते जर्जर इमारतों के ढहने से कई लोगों की जान चल गई थी। उसके बाद नगर निगम ने उदयगंज, लालकुआं, अमीनाबाद और पुराने लखनऊ क्षेत्र में कई बिल्डिंगों के जर्जर हिस्सों को तोड़ा था। बीते साल भी बारिश से पहले शहर के जर्जर भवनों को चिह्नित करने का काम किया गया था। शहर में करीब 200 जर्जर इमारतें चिह्नित कर उनको नोटिस जारी हुए थे। हजरतगंज में नारंग बिल्डिंग का हिस्सा भी दो साल पहले गिरा था। यह बिल्डिंग 1948 की बनी है। हालांकि उसमें कोई जान नहीं गई थी। खतरे को देखते हुए बिल्डिंग को ढहाने की कार्रवाई शुरू हुई तो बिल्डिंग मालिक और किराएदारों में विवाद हो गया, जिसके बाद बिल्डिंग की मरम्मत का काम किया गया।
जर्जर बिल्डिंगों को चिह्नित कर उनको मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे कि वह उसकी मरम्मत कराएं नहीं तो उनको ढहा दिया जएगा। जर्जर इमारतें बारिश के मौसम में लोगों के लिए खतरा हो सकती हैं।
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- अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त
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करीब तीन साल पहले शहर में बारिश के चलते जर्जर इमारतों के ढहने से कई लोगों की जान चल गई थी। उसके बाद नगर निगम ने उदयगंज, लालकुआं, अमीनाबाद और पुराने लखनऊ क्षेत्र में कई बिल्डिंगों के जर्जर हिस्सों को तोड़ा था। बीते साल भी बारिश से पहले शहर के जर्जर भवनों को चिह्नित करने का काम किया गया था। शहर में करीब 200 जर्जर इमारतें चिह्नित कर उनको नोटिस जारी हुए थे। हजरतगंज में नारंग बिल्डिंग का हिस्सा भी दो साल पहले गिरा था। यह बिल्डिंग 1948 की बनी है। हालांकि उसमें कोई जान नहीं गई थी। खतरे को देखते हुए बिल्डिंग को ढहाने की कार्रवाई शुरू हुई तो बिल्डिंग मालिक और किराएदारों में विवाद हो गया, जिसके बाद बिल्डिंग की मरम्मत का काम किया गया।
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जर्जर बिल्डिंगों को चिह्नित कर उनको मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे कि वह उसकी मरम्मत कराएं नहीं तो उनको ढहा दिया जएगा। जर्जर इमारतें बारिश के मौसम में लोगों के लिए खतरा हो सकती हैं।
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- अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त