यूपी का पहला रोबोटिक सर्जरी केंद्र बना पीजीआई, मुफ्त में की जाएगी 250 मरीजों की सर्जरी
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संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में 250 मरीजों की मुफ्त में रोबोटिक सर्जरी की जाएगी। आमतौर पर रोबोटिक सर्जरी पर एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च आता है। अभी इंडोक्राइन, गैस्ट्रो, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी विभाग से संबंधित मरीजों को ही इसका फायदा मिलेगा।
खास बात है कि इसके लिए मरीज को अलग से नंबर लगाने की जरूरत नहीं होगी। संबंधित विभाग की ओपीडी में दिखाने के बाद ही मरीज को इस विधा से ऑपरेशन की जानकारी दी जाएगी। उसकी रजामंदी पर इस विधि से ऑपरेशन किया जाएगा। शनिवार को संस्थान में रोबोटिक सर्जरी सुविधा का चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने लोकार्पण किया।
एसजीपीजीआई में प्रायोगिक तौर पर आठ मरीजों के सफल ऑपरेशन के बाद शनिवार को इसे शुरू किया गया। करीब 30 करोड़ की लागत से खरीदे गए उपकरणों को मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में लगाया गया है। यहां के हर चिकित्सा विशेषज्ञ को 40-40 सर्जरी करनी होगी। इतने केस करने के बाद ही उन्हें एक्सपर्ट माना जाएगा। फिलहाल वे हैदराबाद के रोबोटिक सर्जन डॉ. जगदीश गौड़ के नेतृत्व में सर्जरी करेंगे।
इस बीच डॉ. गौड़ यहां के चिकित्सकों को एक-एक केस की बारीकियों से वाकिफ कराएंगे। हर ऑपरेशन के वक्त वह एक्सपर्ट के तौर पर ऑपरेशन थिएटर में मौजूद रहेंगे। फिलहाल निदेशक प्रो. राकेश कपूर, सीएमएस प्रो. अमित अग्रवाल सहित आठ चिकित्सक रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण ले चुके हैं। अगले चरण में कुछ अन्य चिकित्सकों को भी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
लगाया जाता है सिर्फ आठ एमएम का एक चीरा
महज आठ एमएम का चीरा लगता है। सटीकता की बात करें तो इसके आर्म एक मिमी के भी गैप में सटीकता के साथ काम कर सकता है, जबकि एक डॉक्टर की सीमा 10 मिमी. तक ही होती है।
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में भी 10 से 12 एमएम का चीरा लगाया जाता है। निदेशक प्रो. राकेश कपूर बताते हैं कि इससे जटिल सर्जरी आसान हो जाएगी। खून कम निकलेगा और संक्रमण का खतरा न के बराबर रहेगा। इससे कम समय में मरीज अस्पताल से छुट्टी पा जाता है।
बेहतर तकनीक
दूरबीन विधि से सर्जरी में उपकरण का मूवमेंट 180 डिग्री और टू डायमेंशन में हो सकता था। इसमें 360 डिग्री मूवमेंट और थ्री डायमेंशन का विकल्प। यह ज्यादा प्रभावी होता है।
समय की बचत
आम सर्जरी में लगने वाले समय की तुलना में रोबोटिक सर्जरी में 30 से 40 मिनट कम लगेगा।
जानिए किस विधा की सर्जरी में कितना खर्च
ओपेन सर्जरी : 40 से 50 हजार रुपये
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी : 80 से 90 हजार रुपये
रोबोटिक सर्जरी : करीब 1 से डेढ़ लाख
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