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फ्लाईओवर निर्माण और खोदाई से प्रदूषण बेकाबू, सेतु व जल निगम को नोटिस देगा यूपीपीसीबी
Wed, 07 Oct 2020 01:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 01:27 AM IST
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वायु प्रदूषण कम करने के लिए पानी का छिड़काव हुआ शुरु
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ की हवा में जहर घुलता जा रहा है। बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए यूपीपीसीबी ने जल निगम और सेतु निगम को जिम्मेदार पाया है। ऐसा लालबाग और तालकटोरा में लगातार खराब हो रही हवा के चलते हुआ है। अब दोनों विभागों को यूपीपीसीबी नोटिस जारी कर रहा है।
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उसने नगर निगम से इन इलाकों के अलावा शहर की मुख्य सड़कों पर पानी का छिड़काव भी शुरू करा दिया गया है। नगर निगम से इसका एक शेड्यूल भी मांगा गया है, जिससे पूरे महीने शहर में यह प्रक्रिया चालू रहे। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन ने बताया कि लालबाग में जल निगम ने अपनी लाइन डालने के लिए खोदाई कर रखी है।
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वहीं, तालकटोरा के आसपास सेतु निगम अपने फ्लाईओवर बना रहा है। दोनों ही जगह धूल के कण हवा में घुलने से रोकने के लिए प्रयास नहीं किए गए हैं। ऐसे में इन दोनों ही इलाकों में वायु प्रदूषण बढ़ा हुआ है। अब दोनों विभागों को नोटिस भेजकर धूल के कण हवा में घुलने से रोकने के इंतजाम करने के लिए कहा जा रहा है। अगर हालात नहीं सुधरे तो काम बंद कराने का भी आदेश हो सकता है।
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लालबाग, तालकटोरा की हवा बहुत खराब
लखनऊ का औसत 262
लालबाग 311, बहुत खराब
तालकटोरा 333, बहुत खराब
अलीगंज 295, खराब
गोमतीनगर 111 , सुधरी हुई
पानी का छिड़काव काफी नहीं
यूपीपीसीबी और नगर निगम ने पानी का छिड़काव शुरू करवा दिया हो, फिर भी तालकटोरा और लालबाग की हवा बहुत खराब मिली है। ऐसे में अधिकारियों को दूसरे प्रयास भी शुरू करने होंगे। इन इलाकों में एक्शन प्लान को भी लागू करने की जरूरत है।
वहीं, यूपीपीसीबी के अधिकारी सीपीसीबी के भी संपर्क में हैं, जिससे तालकटोरा और लालबाग के वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन के आंकड़ों का भी एक बार परीक्षण कर लें। यह संभावना जताई जा रही है कि उपकरणों का मापांकन ठीक नहीं होने से आंकड़े बढ़े हुए मिल रहे हों। हालांकि, अलीगंज में भी प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है। ऐसे में इसकी संभावना कम ही दिखती है।
रेलवे से भी मांगा जवाब
रेलवे इस समय विभूतिखंड में गोमतीनगर स्टेशन के निर्माण का काम कर रहा है। डॉ. राम करन का कहना है कि अभी गोमतीनगर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 के नीचे ही मिल रहा है। ऐसे में यहां हवा बेहतर है, लेकिन, इसके बाद भी बड़े निर्माणों की निगरानी की जा रही है। गोमतीनगर स्टेशन जैसी साइटों पर यूपीपीसीबी ने 360 डिग्री कैमरा लगाने के लिए आदेश दिया था। रेलवे से पूछ रहे हैं कि इसकी लाइव फीड क्यों नहीं यूपीपीसीबी को मिल रही है? इन फुटेज के आकलन के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
लालबाग 311, बहुत खराब
तालकटोरा 333, बहुत खराब
अलीगंज 295, खराब
गोमतीनगर 111 , सुधरी हुई
पानी का छिड़काव काफी नहीं
यूपीपीसीबी और नगर निगम ने पानी का छिड़काव शुरू करवा दिया हो, फिर भी तालकटोरा और लालबाग की हवा बहुत खराब मिली है। ऐसे में अधिकारियों को दूसरे प्रयास भी शुरू करने होंगे। इन इलाकों में एक्शन प्लान को भी लागू करने की जरूरत है।
वहीं, यूपीपीसीबी के अधिकारी सीपीसीबी के भी संपर्क में हैं, जिससे तालकटोरा और लालबाग के वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन के आंकड़ों का भी एक बार परीक्षण कर लें। यह संभावना जताई जा रही है कि उपकरणों का मापांकन ठीक नहीं होने से आंकड़े बढ़े हुए मिल रहे हों। हालांकि, अलीगंज में भी प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है। ऐसे में इसकी संभावना कम ही दिखती है।
रेलवे से भी मांगा जवाब
रेलवे इस समय विभूतिखंड में गोमतीनगर स्टेशन के निर्माण का काम कर रहा है। डॉ. राम करन का कहना है कि अभी गोमतीनगर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 के नीचे ही मिल रहा है। ऐसे में यहां हवा बेहतर है, लेकिन, इसके बाद भी बड़े निर्माणों की निगरानी की जा रही है। गोमतीनगर स्टेशन जैसी साइटों पर यूपीपीसीबी ने 360 डिग्री कैमरा लगाने के लिए आदेश दिया था। रेलवे से पूछ रहे हैं कि इसकी लाइव फीड क्यों नहीं यूपीपीसीबी को मिल रही है? इन फुटेज के आकलन के बाद आगे की कार्रवाई होगी।