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सर्वर में खराबी से बायोमैट्रिक बंद, आवेदक लौटे
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गोंडा। संभागीय परिवहन विभाग में सोमवार को सर्वर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। जिससे सर्वर ठप हो गया। जिससे चार घंटे तक लर्निंग व परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों की बॉयोमैट्रिक नहीं हो सकी। इससे 121 आवेदकों को वापस बिना बॉयोमैट्रिक कराए ही वापस लौटना पड़ा। हालांकि दोपहर बाद तकरीबन दो बजे सर्वर में आई तकनीकी खराबी को ठीक कर लिया गया। जिससे शेष बचे 125 आवेदकों की बॉयोमैट्रिक कराई गई।
संभागीय परिवहन विभाग में हर रोज लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के 174 व परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के 72 आवेदकों की ऑनलाइन स्लाट बुक होती है। आवेदकों को बॉयोमैट्रिक कराने कार्यालय परिसर के सारथी भवन में आना पड़ता है। यहां आवेदकों की फोटो खींचने के साथ ही बॉयोमैट्रिक होती है। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों को लिखित परीक्षा देनी होती है। रोड सेफ्टी नियम के साथ ही संकेतक आदि की परीक्षा पास करनी होती है। जबकि परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों का संभागीय निरीक्षक के समय ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट लिया जाता है।
सोमवार की सुबह दस बजे बॉयोमैट्रिक शुरू हुई तो तकनीकी खराबी के कारण सर्वर फेल रहा। लर्निंग व परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों को बॉयोमैट्रिक कराए बिना ही वापस लौटना पड़ा। हालांकि दोपहर बाद तकरीबन दो बजे एनआईसी ने सर्वर में आई तकनीकी खराबी को ठीक कर लिया। जिससे बायोमैट्रिक शुरू हो गई। दोपहर बाद लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के 65 व परमानेंट ड्राइविंग लाईसेंस के 60 आवेदकों की ही बॉयोमैट्रिक हो पायी। इस तरह कुल 123 आवेदकों की ही बॉयोमैट्रिक हो सकी। जबकि सर्वर में आई खराबी से 121 आवेदकों को वापस लौटना पड़ा।
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तीन पॉली में होती बॉयोमैट्रिक
- संभागीय परिवहन विभाग में तीन पॉलियों में बॉयोमैट्रि कराने का प्रावधान है। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक। इसके साढ़े 12 बजे से ढाई बजे तक व दोपहर बाद तीन बजे से शाम पांच बजे तक बॉयोमैट्रिक की जाती है। प्रत्येक पॉली में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के 58-58 आवेदकों की बॉयोमैट्रिक करने का नियम है। इसी तरह परमानेंट ड्राइविंग लाईसेंस के आवेदकों का भी तीन पॉलियों में 36-36 आवेदकों की बॉयोमैट्रिक होनी होती है। मगर जिन जनपदों में एक आरआई हैं। वहां सिर्फ 72 आवेदकों की ही बॉयोमैट्रिक की जाती है। लेकिन जहां दो आरआई हैं। वहां 144 तथा जहां तीन आरआई हैं। वहां 216 आवेदकों की बॉयोमैट्रिक कराई जाती है।
- ऑनलाइन सर्वर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। इससे गोंडा जनपद के साथ ही पूरे प्रदेश में सर्वर फेल हो गया था। जिससे बॉयोमैट्रिक नहीं हो पाई। दोपहर बाद तकरीबन दो बजे सर्वर में आई खराबी को एनआईसी कर्मियों ने ठीक कर लिया। जिससे दोपहर बाद बॉयोमैट्रिक बहाल हो गई। इससे पहले कुछ आवेदक वापस लौट गए। - संजय कुमार, संभागीय निरीक्षक
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संभागीय परिवहन विभाग में हर रोज लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के 174 व परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के 72 आवेदकों की ऑनलाइन स्लाट बुक होती है। आवेदकों को बॉयोमैट्रिक कराने कार्यालय परिसर के सारथी भवन में आना पड़ता है। यहां आवेदकों की फोटो खींचने के साथ ही बॉयोमैट्रिक होती है। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों को लिखित परीक्षा देनी होती है। रोड सेफ्टी नियम के साथ ही संकेतक आदि की परीक्षा पास करनी होती है। जबकि परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों का संभागीय निरीक्षक के समय ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट लिया जाता है।
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सोमवार की सुबह दस बजे बॉयोमैट्रिक शुरू हुई तो तकनीकी खराबी के कारण सर्वर फेल रहा। लर्निंग व परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों को बॉयोमैट्रिक कराए बिना ही वापस लौटना पड़ा। हालांकि दोपहर बाद तकरीबन दो बजे एनआईसी ने सर्वर में आई तकनीकी खराबी को ठीक कर लिया। जिससे बायोमैट्रिक शुरू हो गई। दोपहर बाद लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के 65 व परमानेंट ड्राइविंग लाईसेंस के 60 आवेदकों की ही बॉयोमैट्रिक हो पायी। इस तरह कुल 123 आवेदकों की ही बॉयोमैट्रिक हो सकी। जबकि सर्वर में आई खराबी से 121 आवेदकों को वापस लौटना पड़ा।
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तीन पॉली में होती बॉयोमैट्रिक
- संभागीय परिवहन विभाग में तीन पॉलियों में बॉयोमैट्रि कराने का प्रावधान है। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक। इसके साढ़े 12 बजे से ढाई बजे तक व दोपहर बाद तीन बजे से शाम पांच बजे तक बॉयोमैट्रिक की जाती है। प्रत्येक पॉली में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के 58-58 आवेदकों की बॉयोमैट्रिक करने का नियम है। इसी तरह परमानेंट ड्राइविंग लाईसेंस के आवेदकों का भी तीन पॉलियों में 36-36 आवेदकों की बॉयोमैट्रिक होनी होती है। मगर जिन जनपदों में एक आरआई हैं। वहां सिर्फ 72 आवेदकों की ही बॉयोमैट्रिक की जाती है। लेकिन जहां दो आरआई हैं। वहां 144 तथा जहां तीन आरआई हैं। वहां 216 आवेदकों की बॉयोमैट्रिक कराई जाती है।
- ऑनलाइन सर्वर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। इससे गोंडा जनपद के साथ ही पूरे प्रदेश में सर्वर फेल हो गया था। जिससे बॉयोमैट्रिक नहीं हो पाई। दोपहर बाद तकरीबन दो बजे सर्वर में आई खराबी को एनआईसी कर्मियों ने ठीक कर लिया। जिससे दोपहर बाद बॉयोमैट्रिक बहाल हो गई। इससे पहले कुछ आवेदक वापस लौट गए। - संजय कुमार, संभागीय निरीक्षक