खुलासा: सराफा की दुकान में नौकर ने ही कराई थी लूट, बुर्का पहनकर उसका साथी आया और 10 लाख की लूट कर चला गया
गोमती नगर विस्तार की एक सराफा दुकान में हुई लूट का पर्दाफाश हो गया है। नौकर ने ही दुकान में लूट की साजिश रची थी। लूट के बाद उसकी हरकतों से उस पर शक हुआ और पूरा मामला सामने आ गया।
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विस्तार
गोमतीनगर विस्तार के खरगापुर इलाके में शनिवार सुबह सराफा दुकान में हुई लूट का 24 घंटे में पुलिस ने खुलासा कर मास्टरमाइंड नौकर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लूटे गए पूरे गहनों के साथ ही अन्य सामान व वारदात में इस्तेमाल कार बरामद हुई है।
गोमतीनगर विस्तार के रामआसरे पुरवा निवासी आर्यन सोनी उर्फ अंशू की गीता चौराहे पर गोल्ड हाउस ज्वैलरी शॉप है। शनिवार सुबह जब आर्यन का नौकर प्रदीप रावत उर्फ बउवा (20) दुकान पर अकेले बैठा था। तभी बुर्का पहनकर आए एक बदमाश ने पहले तो गहने देखे। फिर असलहे के बल पर प्रदीप के दोनों हाथ टेप से लपेटकर बांध दिए और 10 से 15 लाख रुपये कीमत के गहने लूटकर भाग गया था।
एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि वारदात कर बदमाश के भागने के डेढ़ मिनट बाद नौकर के दुकान से निकलने, शोर नहीं मचाने समेत अन्य कारणों से उसकी भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। सीपी, डीसीपी (पूर्वी) व गोमतीनगर विस्तार थाने की क्राइम टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस व अन्य माध्यमों से सुराग लगाकर 24 घंटे में वारदात का खुलासा किया है। एसीपी ने बताया कि आर्यन का नौकर प्रदीप रावत ही वारदात का मास्टरमाइंड था। उसने अपने साथी इमरान निवासी अवधपुरी खंड-2, गीतापुरी चौराहा, खरगापुर व संदीप गुप्ता निवासी वशिष्ठ विहार कॉलोनी, रामआसरे पुरवा, गोमतीनगर विस्तार के साथ मिलकर साजिश रची थी।
गोमतीनगर विस्तार इंस्पेक्टर राजेश द्विवेदी ने बताया कि प्रदीप रावत उर्फ बउवा निवासी रामआसरे पुरवा के साथ ही इमरान व संदीप गुप्ता को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से लूटे गए पूरे गहनों के साथ ही वारदात में इस्तेमाल बुर्का, लेडीज सूट, जूते व संदीप की कार बरामद हो गई है।
ऐसे अंजाम दी थी वारदात
एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदीप का दोस्त इमरान शनिवार को बुर्का पहनकर दुकान गया था। पहले उसने प्रदीप की मदद से बैग में गहने भरे और फिर उसके हाथों में टेप लपेटकर भाग गया था। सीसीटीवी फुटेज व स्थानीय लोगों से पूछताछ कर पुलिस टीम को वह स्थान पता चला, जहां से वो कार में बैठकर भागा था। फुटेज में कार का नंबर भी ट्रेस हो गया। ये कार संदीप गुप्ता की थी। उसने ही वारदात के बाद इमरान को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया था।
पुलिस का आभार, बढ़ा विश्वास
गोल्ड हाउस ज्वैलरी शॉप के मालिक आर्यन सोनी व उनकी बहन शिल्पी ने वारदात के त्वरित खुलासे और पूरा माल बरामद करने पर पुलिस का आभार जताया है। आर्यन व शिल्पी का कहना है कि खुलासे से न सिर्फ राहत की सांस ली बल्कि पुलिस पर विश्वास भी बढ़ा है। हालांकि 10 साल की उम्र से अपने यहां नौकरी कर रहे भरोसेमंद नौकर प्रदीप की करतूत से पूरा परिवार आहत है।