वरिष्ठ जेल अधीक्षक कोर्ट में तलब, पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को केजीएमयू से जेल शिफ्ट करने का मामला
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गैंगरेप के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को केजीएमयू से जेल शिफ्ट करने के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने लखनऊ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को तलब किया है। बुधवार को उन्हें अदालत में अपना पक्ष रखना है।
जेल प्रशासन ने गायत्री प्रजापति को जिला कारागार में शिफ्ट करने को लेकर लगातार केजीएमयू से पत्राचार किया। इसके जवाब में केजीएमयू के चिकित्सकों की टीम ने गायत्री के बीमार होने की बात कहकर अस्पताल में ही भर्ती रहने की बात कही। 12 अक्तूबर को एमपी-एमएलए कोर्ट ने गायत्री को जेल में शिफ्ट न करने का आदेश दिया था।
इसके बाद 16 अक्तूबर को इस मामले में सुनवाई हुई, जिसमें विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक लखनऊ को 21 अक्तूबर को कोर्ट में पेश होकर स्पष्टीकरण देने को कहा था। इसी बीच सोमवार को गायत्री प्रजापति को केजीएमयू से डिस्चार्ज करवाकर जेल में शिफ्ट कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कही ये बातें
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि पूर्व मंत्री की बीमारियों का इलाज कारागार में कैसे हो सकता है, जबकि वहां पर विशेषज्ञ चिकित्सक का पद ही नहीं है। कोरोना महामारी इस समय अपना विकराल रूप में है। उसके प्रभाव से जेल भी नहीं बचा है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री को संक्रमित मरीजों से दूर रखने का निर्देश दिया था। ऐसे हालात में केजीएमयू व वरिष्ठ अधीक्षक जिला कारागार हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करना सुनिश्चित करें।