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Lucknow News: गुप्त दस्तावेज पाकिस्तान भेजने की बात कह रिटायर्ड कैशियर को रखा डिजिटल अरेस्ट, वसूले 28.45 लाख
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- जालसाज के साथी ने खुद को बताया जम्मू कश्मीर का एटीएस चीफ
- पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में दो ठगों पर दर्ज कराया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। साइबर जालसाज ने खुद को जम्मू कश्मीर एटीएस चीफ बताकर विकासनगर सेक्टर पांच निवासी रिटायर्ड कैशियर नरेंद्र कुमार मिश्र पर गुप्त दस्तावेज पाकिस्तान भेजने का आरोप लगाया। फिर जाल में फंसे पीड़ित को सात दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर उनसे 28.45 लाख रुपये वसूल लिए। नरेंद्र ने मामले की शिकायत बृहस्पतिवार को साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
नरेंद्र कुमार के मुताबिक मार्च 2022 में वह इंडियन ओवरसीज बैंक में कैशियर के पद से रिटायर हुए थे। 28 जून को दोपहर तीन बजे उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले ने खुद को जम्मू कश्मीर एटीएस कार्यालय का कर्मी बताते हुए कहा कि तुम्हारे मोबाइल से सेना के कुछ गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान भेजे गए हैं। तुम आतंकी गतिविधियों से जुड़े हुए हो। यह सुनते ही नरेंद्र बुरी तरह से घबरा गए। वह कुछ कहते कि इससे पहले ठग ने कॉल काट दी। इसके कुछ दी देर बार उनके पास व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई, जिसमें प्रोफाइल फोटो पुलिस की वर्दी पहने एक युवक की लगी थी। कॉल उठाने पर वर्दीधारी युवक दिखा, जिसने बताया कि वह प्रेम कुमार गौतम एटीएस चीफ है।
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गिड़गिड़ाते रहे नरेंद्र, धमकाता रहा ठग
ठग ने नरेंद्र से कहा कि तुम पर दस्तावेज भेजने का आरोप है। इस कारण तुम पर देशद्रोह का मुकदमा चलेगा और पूछताछ भी होगी। मगर इस दौरान तुम जो भी काम करोगे उस पर हमारी नजर रहेगी। पूछताछ के बारे में न तुम स्थानीय पुलिस को बताओ गए न किसी और को। यह सुन नरेंद्र गिड़गिड़ाने लगे मगर आरोपी ने धमकाना जारी रखा। आरोपी ने पूछताछ के बहाने सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर लिया। पीड़ित को बुरी तरह से टूटता देख आरोपी ने वसूली का जाल फेंका और मामले से बचने के नाम पर उनसे दो बार में आरटीजीएस के जरिये 28.45 लाख वसूल लिए। इसके बाद ठग ने कॉल काट कर मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव के मुताबिक जिन खातों में पीड़ित ने रकम ट्रांसफर की है। उसका ब्योरा निकाला जा रहा है। साथ जिन नंबर से नरेंद्र को कॉल आई थी। उसे भी ट्रेस किया जा रहा है।
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