{"_id":"6aec65373b534c19b806bff4","slug":"seminar-lucknow-news-c-13-1-lko1020-1997727-2026-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रकृति से दूरी और बिगड़ती जीवनशैली बन रही बीमारियों की वजह : ब्रजेश पाठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रकृति से दूरी और बिगड़ती जीवनशैली बन रही बीमारियों की वजह : ब्रजेश पाठक
विज्ञापन
खुन खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।
विज्ञापन
लखनऊ। खुनखुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में मनुष्य प्रकृति से दूर होता जा रहा है। यह बीमारियों का बड़ा कारण है। स्वस्थ रहने के लिए सात्विक भोजन, नियमित व्यायाम और व्यसनों से दूरी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ मानवीय मूल्यों व सामाजिक उत्तरदायित्व को भी महत्व देना होगा। उन्होंने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समापन सत्र में आईआईटीआर के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. वीपी शर्मा ने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. सुधीर मेहरोत्रा ने कहा कि जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली से जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
इस दौरान शोधपत्र और पोस्टर प्रस्तुति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो. अंशु केडिया सहित शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ मानवीय मूल्यों व सामाजिक उत्तरदायित्व को भी महत्व देना होगा। उन्होंने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन
समापन सत्र में आईआईटीआर के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. वीपी शर्मा ने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. सुधीर मेहरोत्रा ने कहा कि जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली से जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
इस दौरान शोधपत्र और पोस्टर प्रस्तुति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो. अंशु केडिया सहित शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।