{"_id":"5d56406d8ebc3e6d117f39d6","slug":"seed-purchase-scam-is-expected-to-be-of-crores-high-level-inquiry-is-suggested","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीज खरीद घोटाला कई करोड़ होने की आशंका, उच्चस्तरीय जांच कराने की सिफारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीज खरीद घोटाला कई करोड़ होने की आशंका, उच्चस्तरीय जांच कराने की सिफारिश
Fri, 16 Aug 2019 11:04 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 16 Aug 2019 11:04 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Getty Images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर में 16.56 करोड़ रुपये के बीज घोटाले की जांच उच्चस्तरीय संस्था से कराए जाने की सिफारिश की जाएगी। विशेष सचिव, कृषि की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसमें बीज खरीद घोटाले का दायरा प्रदेश के तमाम जिलों में फैले होने की आशंका जताई गई है। शासन के एक अधिकारी ने बताया कि उच्च स्तर से मामले की सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिए जाने की पूरी संभावना है।
कानपुर में बीज घोटाला सामने आने के बाद शासन ने विशेष सचिव, कृषि ब्रजराज सिंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की थी। सूत्रों के मुताबिक, इस कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट करीब-करीब तैयार कर ली है।
कमेटी ने यह सवाल उठाया है कि बीज की वास्तविक आपूर्ति की जांच किए बिना कृषि विभाग ने भुगतान कैसे कर दिया। कमेटी के सदस्य इस नतीजे पर भी पहुंचे हैं कि यह घपला सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है। अन्य जिलों में भी इस तरह की गड़बड़ की पूरी आशंका है। इसलिए उच्चस्तरीय सक्षम संस्था से जांच करने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि पूरे मामले से पर्दा उठ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर में बीज घोटाला सामने आने के बाद शासन ने विशेष सचिव, कृषि ब्रजराज सिंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की थी। सूत्रों के मुताबिक, इस कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट करीब-करीब तैयार कर ली है।
विज्ञापन
कमेटी ने यह सवाल उठाया है कि बीज की वास्तविक आपूर्ति की जांच किए बिना कृषि विभाग ने भुगतान कैसे कर दिया। कमेटी के सदस्य इस नतीजे पर भी पहुंचे हैं कि यह घपला सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है। अन्य जिलों में भी इस तरह की गड़बड़ की पूरी आशंका है। इसलिए उच्चस्तरीय सक्षम संस्था से जांच करने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि पूरे मामले से पर्दा उठ सके।
विज्ञापन