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विवेक तिवारी हत्याकांड में किरकिरी के बाद दर्ज हुई दूसरी एफआईआर, लपेटे में आए हत्यारे

Sun, 30 Sep 2018 10:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 30 Sep 2018 10:59 PM IST
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second fir registered in vivek tiwari murder case.
विवेक तिवारी - फोटो : amar ujala

एपल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या के मामले में आरोपियों को बचाने के खेल को लेकर हर तरफ हो रही किरकिरी के बाद रविवार शाम गोमतीनगर थाना में दूसरी एफआईआर दर्ज कर ली गई। यह एफआईआर विवेक की पत्नी कल्पना की तरफ से दर्ज कराई गई। राजधानी का यह पहला मामला है जिसमें पुलिस ने एक एफआईआर होने के बावजूद दूसरा केस दर्ज किया है।

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लखनऊ जोन के एडीजी राजीव कृष्ण ने इससे पहले बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के कृष्ण कुमार बनाम केरल सरकार के निर्णय के आधार पर किसी मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
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उन्होंने कहा, विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना और साले विष्णु शुक्ला ने उनकी पूर्व सहकर्मी की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराने पर आपत्ति जताई थी। उनका आरोप था कि पुलिस ने हत्या के इस संगीन मामले को रफा-दफा करने के लिए पूर्व सहकर्मी से सादे कागज पर दस्तखत करा लिए थे। इसके बाद उसी कागज पर बोल-बोलकर तहरीर लिखवाई।
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उनका कहना था कि पुलिस ने केस को कमजोर बनाने के इरादे से एफआईआर में खेल किया है। जिन सिपाहियों ने गोली चलाई, उनके नाम छिपा लिए गए। एफआईआर में पुलिसकर्मियों द्वारा सीधे विवेक तिवारी को गोली मारने का जिक्र भी नहीं किया गया। परिवारीजनों की आपत्ति के बाद उनकी तरफ से गोमतीनगर में ही दूसरी एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।

पर, पहली एफआईआर का क्या होगा, विशेषज्ञों से लेंगे राय

second fir registered in vivek tiwari murder case.
मृतक विवेक तिवारी व उनका परिवार। - फोटो : amar ujala

दूसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद क्या पहला मामला खत्म कर दिया जाएगा या उसे दूसरी एफआईआर में शामिल कर लिया जाएगा? इस सवाल पर एडीजी स्पष्ट जवाब नहीं दे सकें। उन्होंने कहा, इसकी कानूनी पेचीदगियां क्या हैं, इस बारे में विशेषज्ञों से जानकारी ली जाएगी।

सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार के खिलाफ नामजद केस दर्ज हुआ
एडीजी ने कहा, पीड़िता ने एफआईआर में आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को नामजद न करने पर सवाल उठाए थे। कल्पना की तहरीर में आरोपी सिपाहियों के नाम लिखे हैं इसलिए नामजद केस किया गया है।

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