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Lucknow News: जन्म प्रमाणपत्र के फर्जीवाड़ा के मास्टरमाइंड की तलाश
Fri, 19 Jul 2024 04:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 19 Jul 2024 04:11 AM IST
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रायबरेली। जन्म प्रमाणपत्र के फर्जीवाड़ा मामले में एफआईआर भले ही वीडीओ समेत चार लोगों पर दर्ज कराई गई हो, लेकिन परदे के पीछे अन्य लोगों के हाथ होने की बात कही जा रही है। ऐसे में यूपी एटीएस उस मास्टरमाइंड की तलाश में है, जिसका हाथ इस फर्जीवाड़ा में है। यह फर्जीवाड़ा पैसों के लालच या फिर देश की सुरक्षा में सेंध लगाने की नियत से खेला गया है, इसकी जांच यूपी एटीएस कर रही है। बुधवार की रात ही यूपी एटीएस की एक टीम यहां पहुंच गई थी। सूत्रों की माने तो अब तक की जांच में यूपी कई जिलों के लोगों के नाम से प्रमाणपत्र जारी होने के प्रमाण मिले हैं।
रायबरेली के सलोन कोतवाली क्षेत्र के सिरसिरा, लहुरेपुर, नुरुद्दीनपुर, गोपालपुर उर्फ अनंतपुर, गढ़ी इस्लाम नगर गांव में जिस तरह जन्म प्रमाणपत्र का फर्जीवाड़ा हुआ है, उससे जिला प्रशासन ही नहीं, बल्कि शासन तक हड़कंप है। इस मामले को देश की सुरक्षा में सेंध लगाते हुए लोग सवाल भी खड़े करते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण ही शासन ने इसे गंभीरता से लिया।
बृहस्पतिवार की सुबह यूपी एटीएस के अपर पुलिस अधीक्षक तो देर शाम आईजी नीलाब्जा चौधरी सलोन कोतवाली पहुंचकर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान एटीएस के अधिकारी भी हलाकान रहे कि 30 हजार से ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करना सिर्फ पैसों के लालच में नहीं हो सकता। ऐसे में एटीएस के अधिकारियों का मानना है कि इस फर्जीवाड़ा का मास्टरमाइंड कोई और ही है, क्योंकि जनसुविधा केंद्र संचालक जीशान खान इतने बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी नहीं कर सकता।
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सूत्रों की माने तो यूपी के प्रयागराज समेत कई जिलों के लोगों के नाम से प्रमाणपत्र जारी होने के सबूत मिले हैं। देश के अन्य प्रांतों में रहने वाले लोगों के नाम भी प्रमाणपत्र जारी होने की आशंका जताई जा रही है।
एक समुदाय के लोगों की संख्या ज्यादा
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने वाले लोगों में एक समुदाय के लोगों की तादाद सबसे ज्यादा है। यह लोग किन-किन जिलों के रहने वाले हैं और उन्होंने किसके कहने पर जनसुविधा केंद्र संचालक से संपर्क किया था, इसकी जांच भी यूपी एटीएस कर रही है। मामले का खुलासा होने पर जन्म प्रमाणपत्र जारी कराने वाले लोगों में भी हड़कंप मचा है। यूपी एटीएस उन लोगों की तलाश भी कर रही है।
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रायबरेली के सलोन कोतवाली क्षेत्र के सिरसिरा, लहुरेपुर, नुरुद्दीनपुर, गोपालपुर उर्फ अनंतपुर, गढ़ी इस्लाम नगर गांव में जिस तरह जन्म प्रमाणपत्र का फर्जीवाड़ा हुआ है, उससे जिला प्रशासन ही नहीं, बल्कि शासन तक हड़कंप है। इस मामले को देश की सुरक्षा में सेंध लगाते हुए लोग सवाल भी खड़े करते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण ही शासन ने इसे गंभीरता से लिया।
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बृहस्पतिवार की सुबह यूपी एटीएस के अपर पुलिस अधीक्षक तो देर शाम आईजी नीलाब्जा चौधरी सलोन कोतवाली पहुंचकर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान एटीएस के अधिकारी भी हलाकान रहे कि 30 हजार से ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करना सिर्फ पैसों के लालच में नहीं हो सकता। ऐसे में एटीएस के अधिकारियों का मानना है कि इस फर्जीवाड़ा का मास्टरमाइंड कोई और ही है, क्योंकि जनसुविधा केंद्र संचालक जीशान खान इतने बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी नहीं कर सकता।
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सूत्रों की माने तो यूपी के प्रयागराज समेत कई जिलों के लोगों के नाम से प्रमाणपत्र जारी होने के सबूत मिले हैं। देश के अन्य प्रांतों में रहने वाले लोगों के नाम भी प्रमाणपत्र जारी होने की आशंका जताई जा रही है।
एक समुदाय के लोगों की संख्या ज्यादा
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने वाले लोगों में एक समुदाय के लोगों की तादाद सबसे ज्यादा है। यह लोग किन-किन जिलों के रहने वाले हैं और उन्होंने किसके कहने पर जनसुविधा केंद्र संचालक से संपर्क किया था, इसकी जांच भी यूपी एटीएस कर रही है। मामले का खुलासा होने पर जन्म प्रमाणपत्र जारी कराने वाले लोगों में भी हड़कंप मचा है। यूपी एटीएस उन लोगों की तलाश भी कर रही है।