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यूपी में शिक्षकों के लिए एक जुलाई से खुल जाएंगे स्कूल, एक दर्जन कामों की जिम्मेदारी
Mon, 29 Jun 2020 02:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 29 Jun 2020 02:23 AM IST
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- फोटो : Pexels
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प्रदेश में सभी परिषदीय स्कूल शिक्षकों के लिए खुल जाएंगे। हालांकि अभी स्कूलों में पठन-पाठन नहीं होगा, लेकिन शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को स्कूल में बैठकर बच्चों की ऑनलाइन क्लास लेने के साथ एक दर्जन से अधिक काम करने होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को जुलाई महीने का एजेंडा जारी कर दिया है।
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ब्लॉक स्तर पर सुबह और दोपहर की पाली में पांच-पांच प्रधानाध्यापकों को रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहना है। एक जुलाई से सभी शिक्षकों से मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को कुकिंग लागत का भुगतान और अनाज वितरित कराना होगा। मानव संपदा पोर्टल पर अपने दस्तावेजों का सत्यापन करना होगा। मिशन प्रेरणा के तहत ई-पाठशाला संचालित कर बच्चों को ऑनलाइन क्लासेज देनी होगी।
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ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों का रंगरोजन, मरम्मत और सौंदर्य से जुड़े कार्य कराने होंगे। समर्थ कार्यक्रम के तहत दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनकी शिक्षा और थैरेपी की व्यवस्था करनी होगी। स्कूलों में निशुल्क पाठ्यपुस्तक, यूनिफार्म वितरण करना होगा। साथ ही शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी प्राप्त करना होगा।
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शिक्षकों को यू-डायस पोर्टल पर विद्यालयों में बच्चों के नामांकन, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों से जुड़े आंकड़े भी फीड करने होंगे। शारदा कार्यक्रम के तहत आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित कर उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाना होगा। दीक्षा एप के जरिए शिक्षकों को कौशल विकास के लिए तैयार 75 कोर्स का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संविलयन की कार्यवाही को भी पूरा कराना होगा। सभी स्कूलों को सैनेटाइज किया जाएगा। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में स्कूलों को कोरोना संदिग्धों और प्रवासी मजदूरों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया था।
विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने स्कूल खोलने के बाद सबसे पहले स्कूलों को पूरी तरह सेनेटाइज कराने और साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं ताकि शिक्षकों में संक्रमण फैलने का खतरा नहीं हो।