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Lucknow News: स्कूल में भरा पानी, पुल डूबने से घाटों से संपर्क कटा
Tue, 24 Sep 2024 05:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 24 Sep 2024 05:02 AM IST
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जगतपुर क्षेत्र के धुता गांव में गंगा के बाढ़ के पानी से होकर साइकिल लेकर जाता बालक।
- फोटो : संवाद
डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी में आई बाढ़ कटरी क्षेत्र के लोगों के लिए आफत बन गई है। सोमवार को प्राथमिक स्कूल में पानी भरने के कारण छात्र-छात्राओं को पंचायत भवन में शिफ्ट किया गया। पुल डूबने से सड़क घाट, रानी शिवाला घाट व वीआईपी घाट जाने वाले मार्ग से संपर्क कट गया है। लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
खतरे के निशान 99.360 मीटर के सापेक्ष सोमवार को गंगा नदी का जलस्तर 99.120 मीटर दर्ज किया गया। नदी खतरे के निशान से महज 24 सेमी दूर है। कटरी क्षेत्र के गांवों से लेकर सड़कों तक पर पानी भरा है। धान, उड़द, तिल की फसलें डूब गई हैं। डीएम हर्षिता माथुर ने बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया। चक मलिक भीटी ग्राम पंचायत के पूरे डगरी प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ पानी पहुंच गया। इससे बच्चों व शिक्षकों में अफरातफरी मच गई।
स्कूल को पंचायत भवन में शिफ्ट कराकर 150 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई शुरू कराई गई। डीएम हर्षिता माथुर ने बाढ़ प्रभावित गांव अंबहा, बबुरा, जहांगीराबाद, जमालनगर मोहद्दीनपुर एवं चक मलिक भीटी का जायजा लिया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद डीएम का काफिला लौटते रहा था। पूरे रेवती सिंह गांव के लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
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डीएम का काफिला नहीं रुका तो ग्रामीण नाराज हो गए। उन्होंने पीछे चल रहे एसडीएम डलमऊ अभिषेक वर्मा की गाड़ी रोक ली। ग्रामीण दयाराम, प्रमोद, दिनेश, पार्वती, शिवदुलारी, सावित्री, सियावती, शिवकांति, राजकुमारी, अजय ने बताया कि हम लोग बाढ़ की समस्या से परेशान हैं। कोई अधिकारी गांव देखने नहीं जाता। फसल नुकसान का मुआवजा नहीं मिलता है। एसडीएम ने समस्याएं दूर करने और मुआवजा दिलाए जाने की बात कही तो लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
फसलें हुईं बर्बाद, घरों से नहीं निकल पा रहे लोग
सरेनी (रायबरेली)। गंगा नदी में आई बाढ़ से कोटिया एहत माली गांव के लोग परेशान हैं। लोग घरों से निकल नहीं पा रहे हैं। पानी भरने से रास्तों का संपर्क टूट रहा है। डीएम हर्षिता माथुर ने कंपोजिट विद्यालय निसगर में चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं सुनीं। डीएम ने ग्राम प्रधान निसगर बबलू व ग्राम प्रधान कोटियाएहत माली के प्रधान रज्जन से पूछा कि बाढ़ का पानी गांव से कितनी दूर है। इस पर बताया कि गांव से लगभग 50 मीटर दूर पानी है। फसलें नष्ट हो चुकी हैं।
डीएम ने लोगों को जागरूक किया और कहा कि लोग बिना जरूरत के घर से न निकलें। डीएम ने बाढ़ चौकी निसागर में प्रकाश के लिए सोलर लाइट लगवाने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व अमृता सिंह से कहा। उन्होंने कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों की टीम बाढ़ चौकियों पर तैनात की गई है। फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है।
गोशाला के बाहर एक फीट तक भरा पानी
जगतपुर (रायबरेली)। बाढ़ से धूता स्थित गोशाला के बाहर पानी भर गया है। इस गोशाला में 900 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। यह गोशाला गंगा नदी से महज 200 मीटर दूर है। गोशाला के अंदर बने कमरों में चारा इकट्ठा किया गया है। ग्रामीण लालन शुक्ल का कहना है कि गंगा के जलस्तर बढ़ने से कोई भी गांव प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन लोग अपने खेतों तक नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीण अंकित अवस्थी का कहना है कि जलस्तर बढ़ने से गोशाला के पास एक फीट तक पानी भर गया है।
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खतरे के निशान 99.360 मीटर के सापेक्ष सोमवार को गंगा नदी का जलस्तर 99.120 मीटर दर्ज किया गया। नदी खतरे के निशान से महज 24 सेमी दूर है। कटरी क्षेत्र के गांवों से लेकर सड़कों तक पर पानी भरा है। धान, उड़द, तिल की फसलें डूब गई हैं। डीएम हर्षिता माथुर ने बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया। चक मलिक भीटी ग्राम पंचायत के पूरे डगरी प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ पानी पहुंच गया। इससे बच्चों व शिक्षकों में अफरातफरी मच गई।
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स्कूल को पंचायत भवन में शिफ्ट कराकर 150 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई शुरू कराई गई। डीएम हर्षिता माथुर ने बाढ़ प्रभावित गांव अंबहा, बबुरा, जहांगीराबाद, जमालनगर मोहद्दीनपुर एवं चक मलिक भीटी का जायजा लिया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद डीएम का काफिला लौटते रहा था। पूरे रेवती सिंह गांव के लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
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डीएम का काफिला नहीं रुका तो ग्रामीण नाराज हो गए। उन्होंने पीछे चल रहे एसडीएम डलमऊ अभिषेक वर्मा की गाड़ी रोक ली। ग्रामीण दयाराम, प्रमोद, दिनेश, पार्वती, शिवदुलारी, सावित्री, सियावती, शिवकांति, राजकुमारी, अजय ने बताया कि हम लोग बाढ़ की समस्या से परेशान हैं। कोई अधिकारी गांव देखने नहीं जाता। फसल नुकसान का मुआवजा नहीं मिलता है। एसडीएम ने समस्याएं दूर करने और मुआवजा दिलाए जाने की बात कही तो लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
फसलें हुईं बर्बाद, घरों से नहीं निकल पा रहे लोग
सरेनी (रायबरेली)। गंगा नदी में आई बाढ़ से कोटिया एहत माली गांव के लोग परेशान हैं। लोग घरों से निकल नहीं पा रहे हैं। पानी भरने से रास्तों का संपर्क टूट रहा है। डीएम हर्षिता माथुर ने कंपोजिट विद्यालय निसगर में चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं सुनीं। डीएम ने ग्राम प्रधान निसगर बबलू व ग्राम प्रधान कोटियाएहत माली के प्रधान रज्जन से पूछा कि बाढ़ का पानी गांव से कितनी दूर है। इस पर बताया कि गांव से लगभग 50 मीटर दूर पानी है। फसलें नष्ट हो चुकी हैं।
डीएम ने लोगों को जागरूक किया और कहा कि लोग बिना जरूरत के घर से न निकलें। डीएम ने बाढ़ चौकी निसागर में प्रकाश के लिए सोलर लाइट लगवाने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व अमृता सिंह से कहा। उन्होंने कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों की टीम बाढ़ चौकियों पर तैनात की गई है। फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है।
गोशाला के बाहर एक फीट तक भरा पानी
जगतपुर (रायबरेली)। बाढ़ से धूता स्थित गोशाला के बाहर पानी भर गया है। इस गोशाला में 900 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। यह गोशाला गंगा नदी से महज 200 मीटर दूर है। गोशाला के अंदर बने कमरों में चारा इकट्ठा किया गया है। ग्रामीण लालन शुक्ल का कहना है कि गंगा के जलस्तर बढ़ने से कोई भी गांव प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन लोग अपने खेतों तक नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीण अंकित अवस्थी का कहना है कि जलस्तर बढ़ने से गोशाला के पास एक फीट तक पानी भर गया है।