छात्रवृत्ति घोटाला: जांच के दायरे में आए दो ट्रस्ट, ईडी ने कॉलेज संचालकों के 50 बैंक खातों की जानकारी तलब की
ईडी ने दोनों ट्रस्ट के साथ कॉलेज संचालकों के राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के 50 से ज्यादा खातों की जानकारी भी तलब की है। ईडी ने जानकारी उपलब्ध कराने के लिए बैंकों को पत्र लिखा है।
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सूत्रों के मुताबिक, छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में फर्रुखाबाद में डॉ. ओमप्रकाश गुप्ता एजूकेशन एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट संचालित होने की जानकारी मिली है। इस ट्रस्ट के जरिए मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, फार्मेसी कॉलेज, स्कूल ऑफ एजूकेशन बीटीसी संचालित किया जा रहा है। लखनऊ के एसएस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनजमेंट का संचालन एसएस एजूकेशनल ट्रस्ट कर रहा है। इसी तरह लखनऊ के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी का संचालन ऑरेगॉन एजूकेशनल सोसाइटी के जरिए किया जा रहा है। ईडी ने इन सभी के बैंक खातों में हुए लेन-देन का ब्योरा तलब किया है।
इन बैंकों को भेजा पत्र
ईडी के अधिकारियों ने डॉ. ओमप्रकाश गुप्ता ग्रुप द्वारा संचालित दो दर्जन से ज्यादा बैंक खाताें की जानकारी मांगी है। इसी तरह एसएस इंस्टीटयृट ऑफ मैनेजमेंट के 12 खातों, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के पांच खातों, हाइजिया ग्रुप के चार खातों, भीमराव अंबेडकर फाउंडेशन के आधा दर्जन से अधिक खातों और हरदोई के जीविका इंस्टीट्यूट ऑफ फॉर्मेसी के तीन खातों की जानकारी मांगी गई है। इस बारे में ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, आर्यावर्त बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आईसीआईसीआई, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया आदि को पत्र लिखा है।