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एसडीपी किट का संकट गहराया, डेंगू के गंभीर मरीजों की आफत

Fri, 12 Nov 2021 01:42 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 01:42 AM IST
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Scarcity of sdp kit, problem for serious patient of dengue
सरकारी ब्लड बैंकों में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) आसानी से मरीजों को नहीं मिल पा रहे हैं, क्योंकि किट का संकट गहराता जा रहा है।
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ब्लड बैंकों के प्रभारियों ने किट की मांग की हैं, पर जिम्मेदार कंपनी किट मुहैया नहीं कर पा रही है। ऐसे में सरकारी ब्लड बैंकों ने निजी सेंटर से आने वाले मरीजों को एसडीपी देने पर रोक लगा दी है।
राजधानी में अभी तक डेंगू के 1100 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। डेंगू का डंक धीमा पड़ा है, पर मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
डेंगू के गंभीर मरीजों को सिग्नल डोनर प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत होती है। इसमें मरीज के ब्लड ग्रुप डोनर से मशीन के जरिये प्लेटलेट्स लेकर सीधे मरीज को चढ़ा देते हैं।
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इससे प्लेटलेट्स काउंट तेजी से बढ़ता है। साथ ही मरीज को बार-बार प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत भी नहीं पड़ती है।
वहीं, रक्तदान में प्लेटलेट्स में निकालकर चढ़ाई जाती हैं, इसके लिए मशीन की आवश्यकता रहती है और रक्तदान की तुलना में प्लेटलेट्सदान में वक्त भी ज्यादा लगता है।
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कंपनियों के जरिये किट मुहैया न कराए जाने से ब्लड बैंक में एसडीपी आसानी से मरीजों को नहीं मिल पा रही है। केजीएमयू, लोहिया संस्थान व पीजीआई का यही हाल है।
सभी संस्थानों ने निजी सेंटर से आने वाले मरीजों को एसडीपी देने से मना कर दिया है। ऐसे में तीमारदार एसडीपी के लिए निजी सेंटर की दौड़ लगा रहे हैं।
केजीएमयू में रोजाना 10 से 12 मरीजों की एसडीपी हो रही थी। लोहिया संस्थान में चार से पांच एसडीपी हो रही थी। डॉक्टर कंपनियों से किट की मांग कर रहे हैं, लेकिन कंपनी किट उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
जिम्मेदार बोले, किट का संकट
किट का संकट गहराया हुआ है। कंपनियों से किट नहीं मिल पा रही है। ऐसे में निजी सेंटर से आने वाले तीमारदारों को एसडीपी नहीं दी जा पा रही है।
- डॉ. तूलिका चंद्रा, ब्लड बैंक प्रभारी, केजीएमयू
संकट तो हैं, पर सरकारी अस्पतालों से आने वाले तीमारदारों को एसडीपी दी जा रही है।
- डॉ. वीके शर्मा, ब्लड बैंक प्रभारी, लोहिया संस्थान
लोकबंधु में तीन बेड का जीका वार्ड
राजधानी में जीका वायरस के दो संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल के निर्देश पर लोकबंधु अस्पताल में तीन बेड का जीका वार्ड बनाया गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने कहा कि जरूरत होने पर बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस बीच सभी अस्पतालों में भी अलग से जीका वार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
नियमित तौर पर जांच के निर्देश
कानपुर में जीका का प्रकोप होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने करीब एक हफ्ते पहले सरकारी व निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की डेंगू, टॉयफाइड, मलेरिया संग जीका की जांच के निर्देश दिए थे। डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन ने बताया कि सभी अस्पताल हर दूसरे दिन नमूना भेज रहे थे। लखनऊ में दो केस आने के बाद सभी अस्पतालों को नियमित तौर जीका की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

डेंगू के 22 मरीज मिले
राजधानी में गुरुवार को डेंगू के 22 नए मरीज मिले। इनमें से कई अस्पतालों में भर्ती हैं। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल के मुताबिक, सिल्वर जुबली, इंदिरानगर, अलीगंज, आलमबाग, माल, काकोरी, सरोजनीनगर में रोगी मिले हैं। वहीं, 5579 में से सात घरों को मच्छर पनपने की स्थितियां मिलने पर नोटिस जारी किया गया है।
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