शिक्षा विभाग के बाबू खेल रहे करोड़ों का खेल
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श्रावस्ती जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बाबुओं ने तीन बार में एक करोड़ 50 लाख 96 हजार 911 रुपये (72,69,106, 46,97,905 व 31,29,900 रुपये) सरकारी खजाने से निकाल लिए। लेकिन किस अधिकार से बाबुओं ने इतनी बड़ी रकम निकाली यह तो जांच में ही पता चलेगा।
पर बाबुओं के इस कारनामे की शिकायत विधायक ने जिला विद्यालय निरीक्षक से लेकर शासन के उच्चाधिकारियों तक से की, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई।
यह तो महज एक बानगी भर है। श्रावस्ती जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में इससे भी कहीं अधिक गोलमाल हो रहा है। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने खाते से पैसा निकालने के एक मामले में जांच के आदेश तो किए, पर यहां तैनात बाबुओं की पहुंची इतनी बड़ी है कि उन्होंने मामले को दबवा दिया।
शैक्षिक दृष्टि से अति पिछड़े इलाके आने वाले श्रावस्ती के शिक्षा विभाग में हो रहे गोलमाल में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
चपरासी से बाबू बने कर्मचारी के पास अकूत दौलत
सत्ताधारी पार्टी सपा के श्रावस्ती के विधायक मो. रमजान के शिकायती पत्र को सही मानें तो श्रावस्ती के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से लेकर सरकारी इंटर कॉलेजों में सरकारी पैसे को मनमाने तरीके से निकाला और खर्च किया जा रहा है।
सपा विधायक वर्ष 2013 से लगातार इसकी शिकायत मंडलीय अधिकारियों से लेकर शासन तक से करते चले आ रहे हैं। जिन चेकों से पैसे निकाले गए, उन सभी में समय-समय पर रहे जिला विद्यालय निरीक्षकों के हस्ताक्षर हैं।
डीआईओएस के फर्जी हस्ताक्षर की आशंका
विधायक मो. रमजान के शिकायती पत्र के मुताबिक जिला विद्यालय निरीक्षकों के हस्ताक्षर फर्जी होने की आशंका से इन्कार भी नहीं किया जा सकता है।
रमजान का कहना है कि एक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से चपरासी के पद से पदोन्नति पाकर बाबू बनने वाले एक कर्मचारी के पास अकूत संपत्ति है। विधायक ने इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने की मांग की है।