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सरकारी स्कूलों के कई एससी-एसटी शिक्षकों का होगा डिमोशन, ये है वजह
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 07 Dec 2017 01:46 PM IST
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- फोटो : file photo
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हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने एससी-एसटी वर्ग के उन शिक्षकों को पदावनत (डिमोट) करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने आरक्षण का लाभ उठाकर पदोन्नति प्राप्त की थी। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों की अंतिम वरिष्ठता सूची जारी कर शिक्षकों से आपत्तियां मंगाई हैं।
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प्राथमिक के सहायक अध्यापक पद के शिक्षक जूनियर और जूनियर के शिक्षक प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत हो गए थे। पूर्व सीएम मायावती के शासनकाल में इसका लाभ दिया गया था। इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की गई थी।
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कोर्ट ने 31 मई को अपने आदेश में कहा है कि ऐसे शिक्षकों को या तो पदावनत करें या फिर उनका वेतन फ्रीज किया जाये। इसी क्रम में शिक्षा भवन स्थित बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने ऐसे शिक्षकों की सूची बनाने का काम शुरू कर दिया है।
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वर्ष 1997 से 2012 तक वाले होंगे डिमोट
एससी व एसटी वर्ग के वे शिक्षक जिन्हें आरक्षण का लाभ देकर 15 नवंबर 1997 से लेकर 28 अप्रैल 2012 तक पदोन्नति दी गई है, उनको पदावनत करने का आदेश है। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी ने ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के 2,120 शिक्षकों की वरिष्ठतम सूची जारी की है।
इस सूची में सभी वर्ग के शिक्षक शामिल हैं। इसको लेकर उन्होंने 12 दिसंबर तक आपत्तियां मंगाई हैं। बीएसए ने बताया कि ऐसे शिक्षकों की सूची बनाई जा रही है। आपत्तियां मिलने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद उच्च न्यायालय और परिषद के आदेशानुसार डिमोशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस सूची में सभी वर्ग के शिक्षक शामिल हैं। इसको लेकर उन्होंने 12 दिसंबर तक आपत्तियां मंगाई हैं। बीएसए ने बताया कि ऐसे शिक्षकों की सूची बनाई जा रही है। आपत्तियां मिलने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद उच्च न्यायालय और परिषद के आदेशानुसार डिमोशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।