सपा सरकार में भी अपने कारनामों के लिए चर्चित रहे सत्येंद्र सिंह, पद से हटाया भी गया था
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एलडीए वीसी के रूप में दो कार्यकाल पूरा करने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी सत्येंद्र सिंह अपने कारनामों के लिए सपा शासन में खूब चर्चित रहे। जेपीएनआईसी में बिना टेंडर काम कराने से लेकर पूर्व में अधिग्रहित जमीन के लिए वर्तमान दरों पर मुआवजा देने का प्रस्ताव देने का मामला रहा हो या बिना मांग के कानपुर रोड योजना और शारदा नगर योजना में व्यावसायिक भूखंड पर फ्लैट बनवाने का, जिनको आज तक नहीं बेचा जा सका है। उनके चर्चित कारनामे रहे।
सत्येंद्र का एलडीए वीसी का पहला कार्यकाल 23 दिसंबर 2014 से 28 अगस्त 2016 तक रहा। इसके बाद उन्हें लखनऊ का डीएम बनाया गया था और 23 दिसंबर 2016 को उन्हें एलडीए वीसी का भी चार्ज दे दिया गया। नई सरकार बनने के बाद वे 18 अप्रैल 2017 तक वीसी बने रहे। भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद उनको वीसी पद से हटा दिया गया।
इसके बाद उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू हो गई। ये जांच अब भी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक एलडीए में उनके कार्यकाल में ऐसा कोई काम नहीं था जहां वसूली न हुई हो। भूखंड समायोजन से लेकर अवैध निर्माणों को बढ़ावा देने तक में उन पर वसूली के आरोप लगे।
सूत्रों का कहना है कि उनके कार्यकाल में निर्माण कार्यों में कमीशन अधिकतम स्तर तक था। सत्येंद्र के कार्यकाल में रसूखदारों के आवासीय भूखंडों को व्यावसायिक भू-उपयोग में बदलने के लिए बनी खास सूची भी खूब चर्चा में रही।
खनन घोटाले में आठ आईएएस अफसरों पर चल रहा केस
रिटायर्ड आईएएस सत्येंद्र सिंह से पहले भी सीबीआई ने दो-ढाई सालों में आठ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज कर चुकी है। इन अधिकारियों के यहां सीबीआई ने छापा भी मारा था। कार्रवाई में संपत्तियों के दस्तावेज और नगदी भी बरामद हुई थी।
बुलंदशहर के डीएम रहे अभय के घर से सीबीआई ने जुलाई 2019 में 49 लाख रुपये नगद बरामद किए थे। यह कार्रवाई 2012 से 2016 के बीच प्रदेश में हुए अवैध खनन के मामलों में हुई थी। अभय पर फतेहपुर में डीएम रहते अवैध तरीके से खनन पट्टे आवंटित करने के आरोप थे। हमीरपुर में डीएम रह चुकी बी चंद्रकला के यहां भी सीबीआई छापा मार चुकी है।
देवरिया के डीएम रहे विवेक, देवरिया में एडीएम रहे देवी शरण उपाध्याय, विशेष सचिव खनन रह चुके संतोष राय और प्रमुख सचिव खनन रहे जीवेश नंदन, सहारनपुर में डीएम रह चुके अजय व पवन न सिर्फ अवैध खनन के मामलों में नामजद हैं, बल्कि इसमें से ज्यादातर के यहां सीबीआई ने छापा भी मारा था।
पूर्व मंत्री भी हैं अफसरों के साथ नामजद
अवैध खनन के मामले में इन अफसरों के साथ तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति का नाम भी शामिल है। सीबीाआई कई बार गायत्री से पूछताछ भी कर चुकी है।