राजधानी पहुंचे शिव सेना सांसद बोले-2019 चुनाव के बाद राम मंदिर न हो मुद्दा
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शिव सेना सांसद व राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि 2019 के बाद देश के किसी चुनाव में राम मंदिर निर्माण प्रचार का मुद्दा नहीं होना चाहिए। 25 साल से इस मामले पर वोट बैंक की राजनीति हो रही है। प्रदेश और केंद्र में भाजपा की बहुमत वाली सरकार होने के बावजूद राम मंदिर नहीं बनता है तो कहीं न कहीं इस विषय को पूर्ण विराम देने की आवश्यकता है। 2019 से पहले यह मामला खत्म होना चाहिए। वह सोमवार को राजधानी में प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।
संजय राउत ने कहा, 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढांचा गिराने में शिव सैनिकों की बड़ी भूमिका थी। इस मामले में तत्कालीन शिव सेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे भी आरोपी बनाए गए थे। यदि शिव सैनिक ढांचा नहीं गिराते तो आज मंदिर की बात भी नहीं होती।
उन्होंने कहा, कोर्ट से इस विवाद का हल नहीं हो सकता। कोर्ट का फैसला कुछ भी हो, एक पक्ष वहां मंदिर ही बनाएगा। ऐसे में सरकार को अध्यादेश लाकर ही राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। लोकसभा में भाजपा के पास बहुमत है और राज्यसभा में दूसरे कई दलों के सांसद अपनी पार्टी लाइन से ऊपर जाकर राम मंदिर निर्माण का समर्थन करेंगे। राउत ने कहा, राम मंदिर निर्माण एक पार्टी का एजेंडा नहीं हो सकता। आरएसएस और विहिप मंदिर बनाएं हम उनका साथ देंगे।
योगी सरकार नहीं करेगी रोकने की गलती
राउत ने कहा, शिव सेना के 24- 25 नवंबर को अयोध्या में प्रस्तावित कार्यक्रम को रोकने की गलती राज्य सरकार नहीं कर सकती। उन्होंने विश्वास जताया कि योगी सरकार हमारे कार्यक्रम में कोई रुकावट पैदा नहीं करेगी। बताया कि शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 24 नवंबर को विशेष विमान से दोपहर डेढ़ बजे फैजाबाद आएंगे। 24 को अयोध्या के लक्ष्मण किला में आशीर्वाद समारोह है। इसकी अध्यक्षता महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे। अयोध्या के पुजारी और संत ठाकरे को आशीर्वाद देंगे। शाम 6 बजे सरयू आरती करेंगे। वह 25 नवंबर को सुबह 9 बजे राम लला का दर्शन और गुलाब बाड़ी में जन संवाद करेंगे।