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खर्च के डर से नहीं करा रहे जांच तो छोड़ें चिंता, बनवाएं संपूर्णा कार्ड, डफरिन में होगी मुफ्त जांच
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लखनऊ। आपकी उम्र 30 साल हो चुकी है, तो आपको हर तीन माह में अपनी सेहत की जांच करवानी चाहिए। यदि आप जांच के खर्च को लेकर झिझक रही हैं तो संपूर्णा क्लीनिक जाइए है। यह क्लीनिक वीरांगना अवंती बाई अस्पताल (डफरिन) में सप्ताह में छह दिन चलती है। यह एकमात्र ऐसी क्लीनिक है, जहां दिखाने के लिए आपका बीमार होना जरूरी नहीं। एक रुपये के पर्चे पर अपना संपूर्णा कार्ड बनवाएं और स्वास्थ्य जांच करवाएं।
एलएमओ संपूर्णा क्लीनिक डॉ. निशि अग्रवाल ने बताया कि यह क्लीनिक नेशनल हेल्थ मिशन के तहत चल रही है। यहां मुख्य रूप से बीएमआई, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन के अलावा हृदय रोग के साथ-साथ सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह) की स्कीनिंग होती है। पहले काउंसिलिंग करके महिलाओं को लाना पड़ता था, लेकिन अब रोजाना औसतन 40 महिलाओं की जांच हो रही है। इसमें 20 महिलाएं निम्न आय वर्ग, 14 मध्यम वर्ग तो 5 उच्च आय वर्ग से होती हैं।
वाया व पैप सीमर जांच बहुत जरूरी
डॉ. निशि कहती हैं कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा प्रमुख कैंसर है। एचपीवी संक्रमण के बाद कैंसर बनने में 10 साल का समय लगता है। इसकी पूर्व में जांच से ही निदान संभव है। संपूर्णा क्लीनिक में वीआई यानी वाया और पैप सीमर स्क्रीनिंग होती है। वाया से तुरंत रिपोर्ट पता चल जाती है, जबकि पैप सीमर में एक हफ्ते का समय लगता है।
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इलाज के लिए भटकने से बच गई
क्लीनिक में अपनी एक मित्र की जांच कराने पहुंची इंदिरानगर निवासी 45 वर्षीय महिला ने बताया कि पांच साल पहले मैं अपने एक रिश्तेदार की तीमारदारी में यहां आई थी। काउंसलर ने बताया कि संपूर्णा क्लीनिक में मैं अपनी जांच करवा सकती हूं। पहले तो मुझे अटपटा लगा, लेकिन काउंसिलिंग के बाद मैं गई। जांच में पता चला कि मुझे सर्वाइकल कैंसर जैसे लक्षण दिख रहे हैं। मुझे यहां से केजीएमयू रेफर कर दिया गया, मैं ठीक हूं।
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एलएमओ संपूर्णा क्लीनिक डॉ. निशि अग्रवाल ने बताया कि यह क्लीनिक नेशनल हेल्थ मिशन के तहत चल रही है। यहां मुख्य रूप से बीएमआई, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन के अलावा हृदय रोग के साथ-साथ सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह) की स्कीनिंग होती है। पहले काउंसिलिंग करके महिलाओं को लाना पड़ता था, लेकिन अब रोजाना औसतन 40 महिलाओं की जांच हो रही है। इसमें 20 महिलाएं निम्न आय वर्ग, 14 मध्यम वर्ग तो 5 उच्च आय वर्ग से होती हैं।
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वाया व पैप सीमर जांच बहुत जरूरी
डॉ. निशि कहती हैं कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा प्रमुख कैंसर है। एचपीवी संक्रमण के बाद कैंसर बनने में 10 साल का समय लगता है। इसकी पूर्व में जांच से ही निदान संभव है। संपूर्णा क्लीनिक में वीआई यानी वाया और पैप सीमर स्क्रीनिंग होती है। वाया से तुरंत रिपोर्ट पता चल जाती है, जबकि पैप सीमर में एक हफ्ते का समय लगता है।
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इलाज के लिए भटकने से बच गई
क्लीनिक में अपनी एक मित्र की जांच कराने पहुंची इंदिरानगर निवासी 45 वर्षीय महिला ने बताया कि पांच साल पहले मैं अपने एक रिश्तेदार की तीमारदारी में यहां आई थी। काउंसलर ने बताया कि संपूर्णा क्लीनिक में मैं अपनी जांच करवा सकती हूं। पहले तो मुझे अटपटा लगा, लेकिन काउंसिलिंग के बाद मैं गई। जांच में पता चला कि मुझे सर्वाइकल कैंसर जैसे लक्षण दिख रहे हैं। मुझे यहां से केजीएमयू रेफर कर दिया गया, मैं ठीक हूं।