नागरिकता कानून के खिलाफ 19 को सपा का प्रदर्शन, अखिलेश बोले- यह समाज को बांटने वाला
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समाजवादी पार्टी ने संशोधित नागरिकता कानून, किसानों की बदहाली सहित अन्य कई मुद्दों को लेकर 19 दिसंबर को प्रदेश के सभी मंडलायुक्त कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का एलान किया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी जिला इकाइयों को भी इस धरना-प्रदर्शन में पूरी ताकत से जुटने का निर्देश दिया है।
अखिलेश ने शनिवार को एक बयान में कहा कि गन्ना, धान, आलू आदि के किसान घोर संकट में हैं। लेकिन, सरकार किसानों की समस्याओं पर विचार करने को ही तैयार नहीं है। गन्ना का मूल्य नहीं बढ़ाया गया।
प्रशासन की मिली भगत से गन्ना माफिया खरीद केंद्रों पर किसानों से जबरदस्ती उतराई शुल्क वसूल कर रहे हैं। किसानों का पिछले वर्षों का लगभग 5000 करोड़ रुपया गन्ना मूल्य अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। नोटबंदी और जीएसटी से व्यापार चौपट हो गया है। कई व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हो गए हैं। हजारों नौजवान बेरोजगार हो गए हैं।
समाज को बांटने की साजिश
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने नागरिकता विधेयक लाकर देश और समाज को बांटने की साजिश की है। इस कानून से समाज के बड़े वर्ग में तनाव और आक्रोश व्याप्त हो गया है। यह केंद्र सरकार की बहकाने की राजनीति का हिस्सा है ताकि जनता का ध्यान मूल मुद्दों और आर्थिक मंदी से हटाया जा सके।
यादव ने कहा कि धरना देकर सपा मांग करेगी कि बंद चीनी मिलों को तत्काल चालू कराया जाए। धान क्रय केंद्रों को बिचैलियों से मुक्त किया जाए। कहा कि धान खरीद केंद्रों पर बोरे तक उपलब्ध नहीं है। पुवाल, पराली जलाने के नाम पर किसानों पर फर्जी मुकदमा दर्ज किए जा रहे हैं। इन मुकदमों को वापस लिया जाए। आलू उत्पादकों को आलू की लागत के अनुसार समर्थन मूल्य दिया जाए।