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UP: मुख्तार अंसारी के पते पर सपा विधायक के साले ने ट्रांसफर कराया था शस्त्र लाइसेंस, STF जांच में बड़ा खुलासा
Mon, 29 May 2023 08:20 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 29 May 2023 08:20 AM IST
सार
सपा विधायक के साले संदीप सिंह को गिरफ्तार करने के बाद एसटीएफ की जांच में नया खुलासा हुआ है। सपा विधायक के साले संदीप सिंह ने शस्त्र लाइसेंस माफिया मुख्तार अंसारी के पते पर ट्रांसफर कराया था। मुख्तार कनेक्शन सामने आया है।
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सपा विधायक का साला और मुख्तार अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सपा विधायक अभय सिंह के साले संदीप सिंह को गिरफ्तार करने के बाद एसटीएफ की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। नगालैंड का फर्जी शस्त्र लाइसेंस जिस पते पर ट्रांसफर कराया गया था वह माफिया मुख्तार अंसारी का सरकारी आवास था। एसटीएफ ने इसकी तस्दीक कर ली है। इससे संदीप सिंह का सीधेतौर पर मुख्तार कनेक्शन सामने आया है।
अब एसटीएफ ने पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है। एसटीएफ ने शनिवार को विभूतिखंड निवासी संदीप सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। संदीप सिंह पर आरोप है कि नगालैंड के पते पर राइफल का फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया गया, जिसको लखनऊ के 107बी, दारुलशफा, हजरतगंज पते पर ट्रांसफर कराया।
इसके अलावा अयोध्या से बनवाए गए पिस्टल के लाइसेंस में आपराधिक इतिहास छिपाया गया। एसटीएफ ने जब जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि दारुलशफा वाला जो पता है वह माफिया मुख्तार अंसारी का था। सूत्रों के मुताबिक यही आवास बाद में अब्बास अंसारी को अलॉट हो गया था।
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मुख्तार से कनेक्शन सामने आने के बाद शक और पुख्ता हो गया है कि साजिश के तहत लाइसेंस बनाकर ट्रांसफर कराया गया। आशंका ये भी कि इन हथियारों का आपराधिक घटनाओं में भी इस्तेमाल किया गया। इन पहलुओं पर जांच जारी है।
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अब एसटीएफ ने पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है। एसटीएफ ने शनिवार को विभूतिखंड निवासी संदीप सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। संदीप सिंह पर आरोप है कि नगालैंड के पते पर राइफल का फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया गया, जिसको लखनऊ के 107बी, दारुलशफा, हजरतगंज पते पर ट्रांसफर कराया।
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इसके अलावा अयोध्या से बनवाए गए पिस्टल के लाइसेंस में आपराधिक इतिहास छिपाया गया। एसटीएफ ने जब जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि दारुलशफा वाला जो पता है वह माफिया मुख्तार अंसारी का था। सूत्रों के मुताबिक यही आवास बाद में अब्बास अंसारी को अलॉट हो गया था।
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मुख्तार से कनेक्शन सामने आने के बाद शक और पुख्ता हो गया है कि साजिश के तहत लाइसेंस बनाकर ट्रांसफर कराया गया। आशंका ये भी कि इन हथियारों का आपराधिक घटनाओं में भी इस्तेमाल किया गया। इन पहलुओं पर जांच जारी है।
माफिया का नगालैंड कनेक्शन?
एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि जिस लाइसेंस नंबर पर संदीप का नाम लिखा था, वह नगालैंड निवासी एक शख्स का है। मतलब ऐसे ही फर्जी लाइसेंस पर नंबर नहीं डाला गया। संदीप सिंह का सीधा कनेक्शन नगालैंड से है।
कुछ साल पहले मुन्ना बजरंगी के करीबी रिश्तेदार के पास से भी राइफल का फर्जी लाइसेंस बरामद हुआ था। ये भी नगालैंड में बनाया गया था। दोनों मामलो में एक जैसी स्थिति है। सूत्रों के मुताबिक माफिया मुख्तार के गुर्गों के जरिये नगालैंड संपर्क बनाया गया। वही गिरोह फर्जी लाइसेंस बनवाने का खेल कर रहा है।
निरस्तीकरण के लिए भेजी रिपोर्ट
एसटीएफ ने प्रकरण की रिपोर्ट लखनऊ व अयोध्या जिला प्रशासन को भेजी है, जिसमें संदीप सिंह के आपराधिक इतिहास व फर्जीवाड़े संबंधी जानकारी है। इसके आधार पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ ने प्रकरण की रिपोर्ट लखनऊ व अयोध्या जिला प्रशासन को भेजी है, जिसमें संदीप सिंह के आपराधिक इतिहास व फर्जीवाड़े संबंधी जानकारी है। इसके आधार पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।