{"_id":"65d1cd4f5914ec387209f836","slug":"samajwadi-party-leader-saleem-sherwani-resigns-from-his-post-2024-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP Politics: नहीं कम हो रहीं सपा की मुश्किलें, महासचिव सलीम शेरवानी ने दिया इस्तीफा, उपेक्षा का लगाया आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP Politics: नहीं कम हो रहीं सपा की मुश्किलें, महासचिव सलीम शेरवानी ने दिया इस्तीफा, उपेक्षा का लगाया आरोप
Sun, 18 Feb 2024 02:59 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 18 Feb 2024 02:59 PM IST
सार
स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफा देने के बाद सलीम शेरवानी ने भी सपा के राष्ट्रीय महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि सपा मुसलमानों का भरोसा खो रही है। सलीम शेरवानी बदायूं से लोकसभा सदस्य रहे हैं।
विज्ञापन
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद से सपा की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। रविवार को पार्टी के एक और राष्ट्रीय महासचिव सलीम शेरवानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि वह राज्यसभा टिकट न मिलने से नाराज थे।
विज्ञापन
अपने इस्तीफे को लेकर अखिलेश यादव को लिखे गए पत्र में उन्होंने मुसलमानों की उपेक्षा का आरोप लगाया और कहा कि सपा मुसलमानों का भरोसा खो रही है।
सलीम ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने कहा है कि पार्टी में मुसलमानों की उपेक्षा से परेशान होकर महासचिव पद से इस्तीफा दे रहा हूं. जल्द ही भविष्य को लेकर फैसला लूंगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मुसलमान लगातार उपेक्षित महसूस कर रहा है राज्यसभा के चुनाव में भी किसी मुसलमान को नहीं भेजा गया। बेशक मेरे नाम पर विचार नहीं होता लेकिन किसी मुसलमान को भी यह सीट मिलनी चाहिए थी। मुसलमान एक सच्चे रहनुमा की तलाश में हैं। मुझे लगता है सपा में रहते हुए मैं मुसलमान की हालत में बहुत परिवर्तन नहीं ला सकता।
विज्ञापन
सलीम शेरवानी ने आरोप लगाया है कि जिस तरह से अपने पीडीए का नाम लिया लेकिन राज्यसभा में उम्मीदवारों की लिस्ट को देखकर लगता है कि आप खुद ही पीडीए को कोई महत्व नहीं देते।