फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Samajwadi Party is focusing on core voter of BSP in Uttar Pradesh.

यूपी चुनाव 2022: अब बसपा के कोर वोट बैंक पर लगी सपा की निगाह, सुरक्षित सीटों पर शुरू हुआ अभियान

Mon, 15 Nov 2021 11:08 AM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 15 Nov 2021 11:08 AM IST
सार

यूपी चुनाव में पूर्ण बहुमत के लिए सपा अब बसपा के कोर वोटर को साधने की रणनीति बना रही है। इसके लिए सुरक्षित सीटों पर नए सिरे से अभियान शुरू हो चुका है।

विज्ञापन
Samajwadi Party is focusing on core voter of BSP in Uttar Pradesh.
मायावती व अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

विस्तार

समाजवादी पार्टी अब बसपा के कोर वोटबैंक पर निगाह लगाए हुए है। प्रयास है कि इसे किसी न किसी तरह अपने पाले में कर लिया जाए। इसके लिए नए सिरे से रणनीति बनाई गई है। इसकी शुरुआत सुरक्षित 85 सीटों से की गई है। इन सीटों पर बाबा साहब के सपनों को पूरा करने का संकल्प दिलाया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी कभी कांशीराम के नजदीकी रहे और वर्तमान में सपा में आए पूर्व कैबिनेट मंत्री केके गौतम को सौंपी गई है।

विज्ञापन


सपा की ओर से विभिन्न जातियों पर फोकस करते हुए यात्राएं निकाली जा चुकी हैं। ब्राह्मण सम्मेलन के बाद निषाद-कश्यप, चौरसिया आदि सम्मेलन हो चुके हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद विजय रथयात्रा निकाल रहे हैं। इन यात्राओं में उमड़ी भीड़ से सपाई गदगद हैं, लेकिन पार्टी के रणनीतिकार दलित जातियों में बसपा का कोर वोट बैंक रहे जाटव बिरादरी को अपनी विजय यात्रा के लिए जरूरी मानते हैं। क्योंकि दलित जातियों में पासी, सोनकर, धोबी आदि जाति सपा और भाजपा दोनों के साथ रही हैं, लेकिन करीब 12 फीसदी भागीदारी वाली जाटव बिरादरी पूरी मजबूती से बसपा प्रमुख मायावती के साथ डटा है।
विज्ञापन


समाजवादी पार्टी इसी वोट बैंक में सेंधमारी में फिराक में है। सपा चाहती है कि इस वोट बैंक के अपने पाले में आने से उसकी गठरी भारी होगी। इसी रणनीति के तहत जाटव बिरादरी के नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। पहले चरण में प्रदेश की 85 सुरक्षित सीटों पर फोकस किया गया है। इन सीटों की जिम्मेदारी पूर्व कैबिनेट मंत्री केके गौतम को सौंपी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अपनाई जा रही है ये रणनीति

पूर्व मंत्री गौतम कभी बसपा के कैडर प्रशिक्षक रहे हैं। कांशीराम से लेकर मायावती के जमाने में भी उनकी संगठनात्मक हनक रही है। अब वह सपा के साथ हैं। उनके आने से पार्टी को दोहरा फायदा हो रहा है। एक तो वह जाटव बिरादरी से हैं। दूसरी तरफ वह बसपा के काडर रहे हैं। ऐसे में वह दलितों की नब्ज को भी अच्छे से समझते हैं। वह बिना मायावती पर निशाना साधे बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के सपने को साकार करने का संकल्प दिला रहे हैं।

वह यह भी समझाते हैं कि बदली परिस्थितियों में समाजवादी पार्टी को सत्ता में लाना क्यों जरूरी है? वह सीतापुर जिले के मिश्रिख, फर्रुखाबाद के कायमगंज, कन्नौज, हरदोई के सांडी, रायबरेली के बछरावां, प्रयागराज के कोराव, सोरांव, फतेहपुर के खागा आदि सुरक्षित सीटों पर सम्मेलन कर चुके हैं। हर क्षेत्र में सम्मेलन के बाद वह अपनी टीम के साथ जाटव बिरादरी के कार्यकर्ताओं के घर जाकर चौपाल लगा रहे हैं।

इस चौपाल में भी सपा के लिए जाटव बिरादरी का साथ मांगा जा रहा है। फिलहाल यह कसरत कितनी कारगर होगी, यह तो समय बताएगा, लेकिन सपा के रणनीतिकार इस बार किसी तरह की चूक नहीं छोड़ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed