सपा के इन 50 विधायकों का कट सकता है टिकट
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हारी हुई सीटों पर प्रत्याशी चयन की शुरुआती कसरत पूरी करने के बाद सपा कमजोर विधानसभा सीटों को चिह्नित करेगी। इन सीटों के विधायकों का टिकट काटा जा सकता है। इन पर समय से उम्मीदवारों की तलाश करके उन्हें चुनावी तैयारियों में जुटने का संदेश दिया जा सकता है।
सपा 2017 का चुनाव जीतने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी के तहत हारी हुई 169 सीटों पर संभावित प्रत्याशियों के पैनल तैयार किए गए हैं। इन सीटों पर साल के आखिर तक उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे।
सपा की योजना है कि हारी हुई सीटों पर पूरी ताकत झोंकी जाए और समय से उम्मीदवार उतारकर चुनावी जंग में उतार दिए जाएं। पार्टी की दूसरी योजना मौजूदा विधायकों की कमजोर सीटों को चिह्नित करने की है।
इस पर भी काम शुरू हो गया है। अंतिम समय में जल्दबाजी से बचने के लिए इन सीटों पर पहले से तैयारी करके बेहतर नतीजों की उम्मीद की जा रही है।
परफॉरमेंस के हिसाब से टिकट देगी सपा
कमजोर सीटों की तादाद 50 से ज्यादा मानी जा रही है। ऐसा समझा जा रहा है कि इन पर मौजूदा विधायकों को टिकट देने पर पार्टी को नुकसान हो सकता है।
इन क्षेत्रों में न तो विधायकों की परफॉरमेंस ठीक है और न ही उनकी छवि। वे कार्यकर्ताओं और संगठन से बेहतर समन्वय भी नहीं बना पाए हैं।
दो-चार विधायकों के बारे में तो यहां तक सूचना है कि आखिरी वक्त में वे दलबदल भी कर सकते हैं। ऐसी कमजोर सीटों को चिह्नित करके उन पर वक्त रहते कवायद की जा रही है।
वर्तमान में सपा और उसके समर्थित विधायकों की संख्या 234 है। सपा के रणनीतिकार मानते हैं कि इनमें से 50-60 कमजोर सीटों को छोड़ दें तो शेष विधायकों के जीतने की संभावना ज्यादा है।
लगभग 175 ऐसी सीटों पर सिटिंग गेटिंग फॉर्मूला लागू किया जा सकता है। कुल मिलाकर 75 से 80 फीसदी मौजूदा विधायकों पर सपा फिर से दांव लगा सकती है। यदि इन सीटों पर फेरबदल करना भी होगा तो फैसला सबसे बाद में होगा।