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अखिलेश यादव की सुरक्षा को लेकर विधानसभा में हंगामा, सपाई बोले- खरोंच भी आई तो जान लड़ा देंगे

Mon, 17 Feb 2020 09:10 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 17 Feb 2020 09:10 PM IST
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Samajwadi Party activists made ruckus in Vidhan Parishad over security of Akhilesh Yadav.
सपा नेता रामगोविंद चौधरी (बायें) व अन्य। - फोटो : amar ujala
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा को लेकर सपा सदस्यों ने सोमवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में हंगामा किया। उन्होंने वेल में आकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के चलते विधानसभा और विधान परिषद में प्रश्न काल नहीं हो सका। शून्य काल में भी सपा ने इस मामले को उठाया। विधानसभा में सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की लोकप्रियता से बौखलाई भाजपा उनकी हत्या कराना चाहती है।
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विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सपा की बैठकों में पहुंचकर आक्रामक रुख अपना रहे हैं। 15 फरवरी को कन्नौज में अखिलेश यादव की सभा में एक नौजवान का नारेबाजी कर व्यवधान खड़ा करना गंभीर षड्यंत्र की आशंका पैदा कर रहा है। उन्हें मोबाइल पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल हो जाने दें, उसके बाद मामले को देखेंगे। इस पर रामगोविंद ने इसे अति गंभीर विषय बताते हुए सदन की कार्यवाही निलंबित कर चर्चा कराने की मांग की। हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही पहले 11.05 बजे 30 मिनट फिर 12.20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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 12.20 बजे कार्यवाही शुरू होते ही रामगोविंद चौधरी ने फिर इसी प्रकरण को उठाया। कहा कि यदि अखिलेश यादव को मोबाइल पर मिली धमकियों की भाषा दिखा देंगे तो संसदीय कार्यमंत्री इस्तीफा देकर चले जाएंगे। इस तरह की राजनीति आज हमारे साथ हो रही है तो कल दूसरे, फिर तीसरे के साथ होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राजनीति में अपराधियों को प्रवेश न दिया जाए। अपराधियों को संरक्षण दिया जाएगा तो कैसे काम चलेगा। इस मुद्दे पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना के बयान से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
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डरपोक नहीं हैं, अखिलेश को खरोंच आई तो जान लड़ा देंगे

रामगोविंद ने कहा, हम इतने डरपोक नहीं हैं कि धमकियों से डर जाएं, लेकिन यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष को एक भी खरोंच आई तो एक-एक कार्यकर्ता जान लड़ा देगा। अखिलेश यादव पूर्व मुख्यमंत्री हैं, सपा के अध्यक्ष हैं, छवि उज्ज्वल है और उन्होंने विकास किया है। इसलिए उनकी सुरक्षा के प्रति सरकार का ध्यान आकृष्ट कर रहा हूं।

राम हमारे लिए आराध्य, आपके लिए वोट बैंक
रामगोविंद ने कहा, हम सनातन हिंदू धर्म के समर्थक हैं। हमारी श्रीराम, श्रीकृष्ण, हनुमानजी और शिव में श्रद्धा है। यदि चिढ़ाने के लिए जय श्रीराम के नारे लगाए जाएंगे तो इससे भगवान राम की गरिमा गिरेगी। हमारे लिए भगवान राम आराध्य हैं और भाजपा के लिए वोट बैंक हैं। उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष की सभा में नारे लगाने वाले किससे संबंधित हैं., वह फोन पर मैसेज के जरिए किन लोगों के संपर्क में था, इसकी जांच होनी चाहिए।

अखिलेश यादव की सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार

सपा सदस्यों ने विधान परिषद में भी अखिलेश यादव की सुरक्षा का मुद्दा जोर शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार बैठकों में एलआईयू को भेजकर जासूसी करवा रही है। इस पर सभापति रमेश यादव ने कहा कि नेता सदन को निर्देश देता हूं कि सरकार अखिलेश यादव की सुरक्षा सुनिश्चित करे। कोई चूक न हो। इस बाबत की गई कार्रवाई से सदन को भी अवगत कराया जाए।

कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि भाजपा सरकार पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार और सरकार के प्रेस सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी सोशल मीडिया के माध्यम से अखिलेश यादव के चरित्र हनन की कोशिश कर रहे हैं। उससे पहले सपा की एक बैठक में पत्रकार बनाकर एलआईयू के अधिकारी भानु प्रताप को भेजा गया। उन्होंने इसे गंभीर बताते हुए काम रोककर चर्चा कराने की मांग की।

सपा सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने मांग की कि सीएम खुद उपस्थित होकर इस मामले में स्थिति स्पष्ट करें। सपा के राजेश यादव, राजपाल कश्यप और संतोष यादव सनी ने कहा कि सरकार की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। परिषद की कार्यवाही पहले आधा घंटा और फिर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दुबारा कार्यवाही शुरू होने पर नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार गंभीर है। एनएसजी केंद्र सरकार का विषय है, इसलिए इस पर यहां कुछ नहीं कहा जा सकता।

नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा बोले, क्या बैठक में भगवान राम का नाम लेना पाप है

नरेश उत्तम ने कहा कि सोशल मीडिया पर भाजपा के लोग अखिलेश यादव के बारे में असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि क्या बैठक में भगवान राम का नाम लेना पाप है। सपा को भगवान राम के नाम से चिढ़ है।

भाजपा सदस्य अशोक कटारिया ने कहा कि राम का नाम सब जगह लिया जा सकता है। मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह और मोहसिन रजा ने कहा कि सपा की गुंडागर्दी से सभी परिचित हैं। इस मामले में पीठ की व्यवस्था आने पर ही विधान परिषद में अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श हो सका।

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